मिथिला समाज

मिथिला समाज
मिथिला अथवा मैथिली समाज के केन्द्रीय इकाई के अधीन भारतवर्ष व नेपाल के दो राष्ट्रीय इकाई है। 

*A. भारतवर्ष राष्ट्रीय इकाई* - भारतवर्ष की मिथिला समाज की राष्ट्रीय इकाई में एक प्रादेशिक इकाई  बिहार है। 

a . *बिहार प्रादेशिक इकाई* - उत्तर बिहार क्षेत्र की 11 भुक्ति इकाइयां बिहार प्रादेशिक इकाई के अधीन है। 

*1. सुपौल भुक्ति* -  सुपौल सदर, त्रिवेणीगंज, बीरपुर व निर्मली नामक चार अनुमंडल तथा सुपौल, पिपरा, किशनपुर, सरायगढ़ -भपटियाही, निर्मली, मरौना, राघोपुर, छातापुर, प्रतापगंज व बसंतपुर नामक 11 प्रखण्ड है। 181 पंचायत व 556 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप*  सुपौल एक लोकसभा क्षेत्र है तथा सुपौल, पिपरा, निर्मली, छातापुर व त्रिवेणीगंज नामक 5 विधानसभा क्षेत्र है। 

*2. मधेपुरा भुक्ति* - मधेपुरा भारत के बिहार राज्य का जिला है। इसका मुख्यालय मधेपुरा शहर है। सहरसा जिले के एक अनुमंडल के रूप में रहने के उपरांत 9 मई 1981 को उदाकिशुनगंज अनुमंडल को मिलाकर इसे जिला का दर्जा दे दिया गया। यह जिला उत्तर में अररिया और सुपौल, दक्षिण में खगड़िया और भागलपुर जिला, पूर्व में पूर्णिया तथा पश्चिम में सहरसा जिले से घिरा हुआ है। वर्तमान में इसके दो अनुमंडल तथा 11 प्रखंड हैं। मधेपुरा धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्ध जिला है। चंडी स्थान, सिंघेश्‍वर स्थान, श्रीनगर, रामनगर, बसन्तपुर, बिराटपुर और बाबा करु खिरहर आदि यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से हैं।
*राजनैतिक स्वरूप* - मधेपुरा एक लोकसभा क्षेत्र है तथा (अलमानगर जो अंगिका समाज का अंग है) , बिहारगंज, सिंगेश्वर, व मधेपुरा नामक 4 विधानसभा क्षेत्र है। 

*3. सहरसा भुक्ति* - सहरसा भुक्ति 1954 में अस्तित्व में आई, सहरसा नगर  कोशी प्रमंडल तथा सहरसा जिला का मुख्यालय है। सहरसा सदर व सिमरी बख्तियारपुर नामक दो अनुमंडल है तथा कहरा, सत्तर कटैया, सौर बाजार, पतरघट, महिषी, सोनबरसा, नौहट्टा (सभी सहरसा अनुमंडल अंतर्गत), सिमरी बख्तियारपुर, सल्खुआ एवं बनमा ईटहरी ( सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अंतर्गत) कुल 10 प्रखण्ड है। जिले में कुल 468 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* मधेपुरा व खगड़िया लोकसभा की सीमा सहरसा भुक्ति में है तथा सोनबरसा, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, महिषि नामक चार विधानसभा क्षेत्र है। 

*4. दरभंगा भुक्ति* - दरभंगा जिले का गठन 1 जनवरी 1875 को हुआ। दरभंगा 25.63° से 25.27 °उतरी अक्षांश व 85.40° से 86.25° पूर्वी देशांतर के मध्य अवास्थित है। इसके उत्तर में मधुबनी, दक्षिण में समस्तीपुर , पूरब में सहरसा तथा पश्चिम में सीतामढ़ी एवं मुजफ्फरपुर जिला है। इस जिले का भौगौलिक क्षेत्रफल 2279.29 वर्ग किलोमीटर में है। वर्तमान में यह जिला दरभंगा सदर, बेनीपुर व बिरौल नामक तीन अनुमंडलों तथा 18 प्रखंडो में बंटा हुआ है।
*राजनैतिक स्वरूप* -  दरभंगा जिले के भीतर दरभंगा  मधुबनी और  समस्तीपुर  नामक 3 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और इस जिले में गौरा बौराम, बेनीपुर, अलीनगर, दरभंगा ग्रामीण, दरभंगा, बहादुरपुर,केवोटी, जाले, कुसेश्वरस्थान और हायाघाट नामक 10 विधानसभा क्षेत्र हैं।  
 
*5. मधुबनी भुक्ति* - विश्वप्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग एवं मखाना के पैदावार की वजह से मधुबनी को विश्वभर में जाना जाता है। इस जिला का गठन 1972 में दरभंगा जिले के विभाजन के उपरांत हुआ था। मधुबनी, बेनीपट्टी, झंझारपुर, जयनगर एवं फुलपरास नामक 5 अनुमंडल, 21 प्रखण्ड, 399 पंचायत व 1111 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - मधुबनी व झंझारपुर नामक दो लोकसभा क्षेत्र की सीमा मधुबनी जिले में है तथा हरलाखी, बेनीपट्टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, मधुबनी, राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास व लौखहा नामक 10 विधानसभा क्षेत्र है। 

*6. बेगूसराय भुक्ति* - 
बेगूसराय, बालिया, तेघरा, मंझौल और बखरी नामक 5 अनुमंडल तथा 18 प्रखण्ड में विभक्त बेगूसराय भुक्ति का जिला मुख्यालय बेगूसराय नगर है। जिले में 1229 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - बेगूसराय एक लोकसभा क्षेत्र है तथा जिले में चेरिया, बरियारपुर, बछवाड़ा, तेघरा, मटिहानी, साहबपुर कमल, बेगूसराय व बखरी नामक 7 विधानसभा क्षेत्र है। 
 
*7.समस्तीपुर भुक्ति* -  समस्तीपुर भारत गणराज्य के बिहार प्रान्त में दरभंगा प्रमंडल स्थित एक शहर एवं जिला है। इसका मुख्यालय समस्तीपुर है। समस्तीपुर के उत्तर में दरभंगा, दक्षिण में गंगा नदी और पटना जिला, पश्चिम में मुजफ्फरपुर एवं वैशाली, तथा पूर्व में बेगूसराय एवं खगड़िया जिले है। समस्तीपुर के वर्तमान जिले में समस्तीपुर, दलसिंगसराय, रोसड़ा व पटोरी नामक 4 अनुमंडल हैं। समस्तीपुर जिला मुख्यालय में 20 प्रखंड , 3 नगर परिषद/नगर पंचायत, 381 पंचायत और 1260 राजस्व गांव हैं।
*राजनैतिक स्वरूप* -  समस्तीपुर व जियारपुर लोकसभा क्षेत्र की सीमाए समस्तीपुर जिलें में है। समस्तीपुर जिले के अंतर्गत 10 विधानसभा क्षेत्र आते है: कल्याणपुर, वारिसनगर, समस्तीपुर, उजियारपुर, मोरवा, सरायरंजन, मोह्ह्द्दीनगर, बिभूतिपुर, रोसरा और हसनपुर विधान सभा।

*8. वैशाली भुक्ति* - वैशाली बिहार प्रान्त के तिरहुत प्रमंडल का एक जिला है। मुजफ्फरपुर से अलग होकर 12 अक्टुबर 1972 को वैशाली एक अलग जिला बना। वैशाली जिले का मुख्यालय हाजीपुर में है।  ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार वैशाली में ही विश्व का सबसे पहला गणतंत्र यानि "रिपब्लिक" कायम किया गया था। हाजीपुर, महानार व महुआ नामक तीन अनुमंडल तथा 16 प्रखण्ड है। जिले के चार शहरों में से एक हाजीपुर में नगर परिषद तथा लालगंज,महनार एवं महुआ में नगर पंचायत गठित है। 291 ग्राम पंचायत तथा 1638 गाँवों में बँटा है।
*राजनैतिक स्वरूप* - वैशाली एक लोकसभा क्षेत्र है तथा मिनापुर, कांति, बरुराज, पारो, साहेबगंज व वैशाली नामक 6 विधानसभा क्षेत्र है। 

*9. मुजफ्फरनगर भुक्ति* -मुजफ्फरपुर जिला, बिहार के 38 जिलों में से एक है। इसका प्रशासकीय मुख्यालय मुजफ्फरपुर है। यह जिला उत्तर में पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी, दक्षिण में वैशाली और सारण, पूर्व में समस्तीपुर और दरभंगा तथा पश्चिम में गोपालगंज से घिरा है। हिंदी और मैथिली यहाँ की प्रमुख भाषाएँ हैं, जबकि बज्जिका/पश्चिमी मैथिली यहाँ की स्थानीय बोली है। मुजफ्फरपुर जिला तिरहुत डिवीजन का हिस्सा है. मुजफ्फरपुर में कुल दो अनुमंडल हैं: पूर्वी अनुमंडल और पश्चिमी अनुमंडल है। तथा  मुजफ्फरपुर में कुल 16 प्रखंड है -0 औराई, बंदरा, बोचहा, गायघाट, कांटी, कटरा, कुंडली, मरवन, मीनापुर, मोतीपुर, मुरौल, मुशहरी, साहिबगंज, सकरा, पारू और सरैया प्रखण्ड। 
*राजनैतिक स्वरूप* - वैशाली व मुजफ्फरनगर नामक दो लोकसभा क्षेत्र की सीमा मुजफ्फरनगर जिले में आती है तथा गायघाट, औराई, मीनापुर, बोचहाँ, सकरा, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, काँटी, बरुराज, पारू व साहेबगंज नामक 11 विधानसभा क्षेत्र है। 

*10. शिवहर भुक्ति* - शिवहर बिहार के तिरहुत प्रमंडल का एक शहर है, जिसका आसपास का क्षेत्र नवगठित शिवहर जिला है। इस जिले के पूरब एवं उत्तर में सीतामढी, पश्चिम में पूर्वी चंपारण तथा दक्षिण में मुजफ्फरपुर जिला है। शिवहर बिहार का सबसे छोटा एवं आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत ही पिछडा हुआ जिला है। वर्षा एवं बाढ़ के दिनों में इसका संपर्क अपने पडोसी जिलों से भी पूरी तरह कट जाता है।  यह सीतामढ़ी से  06-10-1994 में अलग हुआ। शिवहर नामक एक अनुमंडल है, शिवहर, तरियानी, डुमरी कटसरी, पिपराही व पुरनहिया नामक 5 प्रखण्ड, 1 नगर पंचायत, 53 ग्राम पंचायत तथा 207 गाँव है।
*राजनैतिक स्वरूप* - शिवहर एक लोकसभा क्षेत्र है। मधुबन, चिरैया, ढाका, शिवहर, रीगा व बेलसंड नामक 5 विधानसभा क्षेत्र है। 

*11. सीतामढ़ी भुक्ति* - सीतामढ़ी भारत गणराज्य के बिहार प्रान्त के तिरहुत प्रमंडल मे स्थित एक शहर एवं जिला है।यह सांस्कृतिक मिथिला क्षेत्र का प्रमुख शहर है जो पौराणिक आख्यानों में सीता की जन्मस्थली के रूप में उल्लिखित है। सीतामढ़ी सदर, पुपरी व बेलसंड नामक 3 अनुमंडल, 17 प्रखण्ड व 845 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - सीतामढ़ी जिले 8 विधानसभा क्षेत्र में  रीगा व बेल्सण्ड शिवहर लोकसभा क्षेत्र में तथा बथनाहा, परिहार, सुरसंड, बाजपट्टी, सीतामढ़ी व रुन्नीसैदपुर नामक 5 विधानसभा क्षेत्र सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र में है। 

 *B. नेपाल राष्ट्रीय इकाई* - नेपाल की राष्ट्रीय इकाई के अधीन दो प्रांतीय इकाई मिथिला समाज के विकास की कहानी लिखती है। 

*a. प्रांत नम्बर 1 की मिथिला समाज की प्रांतीय इकाई* - इस प्रान्त में 1 भुक्ति इकाई है। 

*1 .सुनसरी भुक्ति* - नेपाल के प्रांत नंबर 1 कोशी प्रांत की एक भुक्ति है। जिले का मुख्यालय इनारुवा है।यहाँ 2 उपनगरीय शहर, 4 नगर पालिका तथा 6 ग्राम पालिका है। 


*b. प्रांत नंबर 2 की मिथिला समाज प्रांतीय इकाई* - मिथिला समाज इस प्रांतीय इकाई में 5 भुक्ति आती है। 

*1. सर्लाही भुक्ति* - नेपाल के जनकपुर प्रांत संख्या 2 की एक भुक्ति है।हर्दी(बाँके), झिम लखनदेइ और बागमती नामक नदियाँ इस भुक्ति में बहती है। इस भुक्ति का नामकरण सरला माई के नाम पर हुआ है।  जिले का मुख्यालय मगलवाँ है। यहाँ 11 नगर पालिका तथा 8 गाँव पालिका है। यह भुक्ति नेपाल की टमाटर राजधानी कहलाता है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - यहाँ 4 संसदीय क्षेत्र है। 

*2.महोत्तरी भुक्ति* - नेपाल के जनकपुर प्रातः संख्या 2 का एक जिला है जिसका मुख्यालय जलेश्वर शहर है। यहाँ भगवान शिव को पानी के देवता माना जाता है। माहीदी जिला भी कहते हैं। इस जिले में 10 नगर पालिका व 5 ग्राम पालिका है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - यहाँ चार संसदीय क्षेत्र है। 

*3.धनुषा भुक्ति* - नेपाल के  प्रांत नंबर 2 जनकपुर का एक जिला है। इसका संबंध शिवधनुष भंग से जोड़ा जाता है। जिले का मुख्यालय धनुष शहर है। यहाँ 11 नगरपालिका तथा 4 ग्राम पालिका है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - यह नेपाल के पहले राष्ट्रपति डॉ राम बरन यादव का गृह जिला भी है , जिन्होंने निर्वाचन क्षेत्र 5 से चुनाव लड़ा और जीता। इस क्षेत्र के एक राजनीतिक केंद्र के रूप में, इसमें बिमलेंद्र निधि (पूर्व उप प्रधान मंत्री) जैसे प्रमुख नेता हैं, आनंद प्रसाद धुनगना , महेंद्र यादव और राम कृष्ण यादव नेपाली कांग्रेस से, से योग कुमार यादव सीपीएन-यूएमएल , मत्रिका यादव और रामचंद्र झा से सीपीएन-माओवादी , जो समय के विभिन्न बिंदु पर मंत्रियों किया गया है। यहाँ सात संसदीय क्षेत्र है। 

*4.सिराहा भुक्ति* - नेपाल के प्रांत नंबर 2 का एक जिला है। जिसका नामकरण साल्हेस नामक राजा के नाम पर हुआ। 8 नगर पालिका व 9 ग्राम पालिका है। 
*राजनैतिक स्वरूप* -  चार संसदीय निर्वाचन क्षेत्र है। 

*5.सप्तरी भुक्ति* - नेपाल पूर्वी विकास अंचल का एवरेस्ट क्षेत्र के प्रांत नंबर 2 की एक भुक्ति है। जिसका मुख्यालय राजबिराज है।इसे तराई का हिस्सा माना जाता है। यहाँ 9 नगर पालिका है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - 7 संसदीय क्षेत्र है।

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मैथिली भाषा से........ 

1. मैथिली भाषा की जननी संस्कृत भाषा को माना जाता है। 

2. रामायण महाकाव्य की नायिका सीता व राज जनक का देश मिथिला चित्रित किया गया है। 

3. मैथिली भाषा की उत्पत्ति मागधी प्राकृत से मानी जाती है। 

4. मैथिली भाषा को 2003 में भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है। 

5. नेपाल के अंतरिम संविधान में इसे क्षेत्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है। 

6. मैथिली भाषा की मूल लिपि मिथिलाक्षर तथा कैथी लिपि है। इसे आजकल देवनागरी में लिखा जाता है। 

7. विद्यापति मैथिली भाषा के आदिकवि है तथा गोविन्द दास, चन्दा झा, मनबोध, पंडित सीताराम झा, जीवनाथ झा (जीवन झा) प्रमुख साहित्यकार माने जाते हैं।

8.  भारत की साहित्य अकादमी द्वारा मैथिली को साहित्यिक भाषा का दर्जा 1965 से हासिल है।

9.मैथिली के साहित्य को तीन कालों में विभक्त किया जाता है -

१. आदिकाल (1000 ई. - 1600 ई.) - गीतिकाव्य की प्रधानता रही है।

२. मध्यकाल (1600 ई. -1860 ई.) - नाटक की प्रधानता रही है।

३. आधुनिक काल (1860 ई. से ........) - गद्य की प्रधानता रही है।
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