प्रगतिशील मगही समाज

मगही समाज
 भारतवर्ष के बिहार राज्य का दक्षिण मध्य तथा झारखंड उतरी क्षेत्र मगही समाज क्षेत्र है। यहाँ की भाषा मगही एक समृद्ध भाषा तथा यहाँ की संस्कृति भारत महान की कहानी कहती है। 

मगही समाज की केन्द्रीय इकाई के अधीन तीन प्रादेशिक इकाई है। 

A. बिहार प्रादेशिक इकाई 

 बिहार प्रादेशिक इकाई के अधीन 9 भुक्ति तथा 1 उपभुक्ति इकाई है। 

*1.पटना भुक्ति* - पटना बिहार राज्य की राजधानी है जिसका प्राचीन नाम पाटलिपुत्र था, जो मगध साम्राज्य की राजधानी थी। पटना भुक्ति भी है। जिसमें पटना, पटना साहिब, बाढ़, मसौढी, दानपुर व पालीगंज नामक छ अनुमंडल है। पटना भुक्ति में 23 प्रखण्ड, 321 पंचायत एवं 1395 गाँव भी है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - पाटलिपुत्र व पटना साहिब नामक दो संसदीय क्षेत्र तथा मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना सिटी, फतुहा, दानपुर, मनेर, फुलवारी, मसौढी, पालीगंज व बिक्रम नामक 14 विधानसभा क्षेत्र है। 

*2.अरवल भुक्ति* - खेतिहर भूमि प्रधान अरवल भुक्ति में अरवल नामक एक अनुमंडल तथा अरवल, कलेर, करपी, कुर्था व बंशी नाम पांच प्रखण्ड है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - अरवल जहानाबाद नामक लोकसभा क्षेत्र में आता तथा यहाँ अरवल व कुर्था नामक दो विधानसभा क्षेत्र है। 

*3.औरंगाबाद भुक्ति* - औरंगाबाद व दाउदनगर नामक दो अनुमंडल, 11 प्रखण्ड तथा 1884 गाँव है।
*राजनैतिक स्वरूप* - औरंगाबाद व काराकाट नामक दो लोकसभा क्षेत्र तथा गोह, ओबरा, नवीन नगर, कुटुम्बा, औरंगाबाद व रफीगंज नामक 6 विधानसभा क्षेत्र है। 

*4. जहानाबाद भुक्ति* - जहानाबाद नामक एक अनुमंडल तथा जहानाबाद, मखदुमपुर, घोसी, मोदनगंज, काको, हुलासगंज, रतनी फरीदपुर नामक 7 प्रखण्ड तथा 93 ग्राम पंचायत है। 
*राजनैतिक स्वरूप* -  जहानाबाद नामक एक लोकसभा क्षेत्र तथा जहानाबाद, घोषी अतरी व मखदुमपुर नामक 4 विधानसभा क्षेत्र है। 

*5. गया भुक्ति*  -गया तीन ओर से छोटी व पत्थरीली पहाड़ियों से घिरा है, जिनके नाम मंगला-गौरी, श्रृंग स्थान, रामशिला और ब्रह्मयोनि हैं। नगर के पूर्व में फल्गू नदी बहती है। गया सदर, टेकारी, नीमचक बथानी  व शेरघाटी नामक चार अनुमंडल तथा 24 प्रखण्ड है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - गया एक लोकसभा क्षेत्र है तथा शेरघाटी, बाराचट्टी, बोधगया, गया शहर, बेलागंज व वजीरगंज नामक 6 विधानसभा क्षेत्र है। 

*6. नालंदा भुक्ति* - नालंदा भुक्ति का जिला मुख्यालय बिहारशरीफ है। इस जिले को बिहारशारीफ, हिलसा और राजगीर नामक तीन अनुमंडल हैं। तीन अनुमंडलों में से, बिहारशरीफ सदर अनुमंडल सबसे बड़ा और सबसे अधिक शहरीकरण है। हिलसा अनुमंडल मुख्य रूप से ग्रामीण और कृषि है। राजगीर, तीनों का सबसे छोटा अनुमंडल है जो कि पर्यटन परिप्रेक्ष्य से सबसे महत्वपूर्ण है। राजगीर, नालंदा अवशेष, पावापुरी राजगीर अनुमंडल में हैं।  20 प्रखण्ड, 1 नगर निकाय, 4 नगर पंचायत, 249 ग्राम पंचायत व 1084 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - बिहार का सबसे बड़ा लोकसभा क्षेत्र नालंदा लोकसभा क्षेत्र है तथा बिहारशारीफ, हिलसा, नालंदा, हरनौत, इस्लामपुर, अस्थावां और राजगीर नामक 7 विधानसभा क्षेत्र है।   

*7. लखीसराय भुक्ति* - लखीसराय जिले में लखीसराय नामक एक अनुमंडल तथा  लखीसराय सदर, बड़हिया, पिपरिया, *हलसी(अंगिका समाज)*, चानन, रामगढ़ चौक, सूर्यगढ़ा नामक सात प्रखण्ड है। भुक्ति में दो शहरी क्षेत्र तथा 479 गाँव है। _जहाँ हलसी तहसील अंगिका समाज का हिस्सा है।_
*राजनैतिक स्वरूप* - यह जिला मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में आता है तथा सूर्यगढ़ा व लखीसराय नामक दो विधानसभा क्षेत्र है। 

*8. शेखपुरा  भुक्ति* - जिला में केवल एक अनुमंडल शेखपुरा है, जिसे छह  प्रखण्ड में विभाजित किया गया है: - अरियरी , शेखपुरा, बरबीघा, घाटकुसुम्भा, चेवाड़ा व शेखोपुर सराय । इस भुक्ति में 310 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - शेखपुरा व बरबीघा नामक दो विधानसभा क्षेत्र है। जिसमें शेखपुरा जमुई तथा बरबीघा नवादा लोकसभा क्षेत्र में आती है। 

*9. सिकन्दरा उपभुक्ति ( जमुई भुक्ति)*  - अंगिका समाज के जमुई भुक्ति का एक प्रखण्ड सिकन्दरा मगही समाज का अंग है। यहाँ 14 ग्राम पंचायत तथा 68 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - सिकन्दरा एक विधानसभा क्षेत्र है। 

*10. नवादा भुक्ति* - नवादा व रजौरी नामक दो अनुमंडल तथा 14 प्रखण्ड है। 01 नगर परिषद, 02 नगर पंचायत, 187 पंचायत, 10 99 राजस्व गांव, 21 पुलिस स्टेशन हैं।
*राजनैतिक स्वरूप* - नवादा एक लोकसभा क्षेत्र है तथा रजौली, हिसुआ, नवादा व गोविन्पुर व वारिसलीगंज नामक 5 विधानसभा क्षेत्र है

B.  झारखंड प्रादेशिक इकाई

मगही समाज की झारखंड प्रदेश इकाई के अधीन 7 भुक्ति है। 

*1. गढ़वा भुक्ति* - गढ़वा, रंका व नगर उंटारी नामक तीन अनुमंडल, 20 प्रखण्ड, 1 नगर परिषद, 189 पंचायत व 915 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* -  गढ़वा एक विधानसभा क्षेत्र है, जो पलामू लोकसभा क्षेत्र का अंग है। 

*2. पलामू भुक्ति* -पलामू भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है। इसका ज़िला मुख्यालय मेदनीनगर है। पहले यह डाल्टनगंज के नाम से जाना जाता था लेकिन *आनंदमार्ग के लक्ष्मण सिंह, बैद्यनाछ साहू, युगलकिशोर सिंह, विश्वनाथ सिंह जैसे लोगों ने लंबे समय तक आंदोलन किया* और शहर का नाम मेदनीनगर किया गया। यहां के राजनीतिज्ञों में इंदर सिंह नामधारी, ज्ञानचंद पांडेय, शैलेंद्र, केडी सिंह आदि मुख्य हैं। पत्रकारों में आलोक प्रकाश पुतुल ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता हासिल की है। अन्य पत्रकारों में रामेश्वरम, गोकुल बंसंत, फैयाज अहमद, उपेन्द्र नाथ पान्डेय, अरूण कुमार सिंह आदि शामिल हैं।साहित्य व कविता जगत में बिंदु माधव शर्मा, विद्या वैभव भारद्वाज वअभिनव मिश्र ने पलामू का नाम रौशन किया है। मेदिनीनगर, छतरपुर व हुसैनाबाद नामक तीन अनुमंडल, 21 प्रखण्ड, 1918 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप*  - पलामू एक लोकसभा क्षेत्र तथा जिले में पांकी, डालटनगंज, विश्रामपुर, छतरपुर और हुसैनाबाद नामक 5 विधानसभा क्षेत्र है। 

*3. चतरा भुक्ति* -  चतरा व सिमरिया नामक दो अनुमंडल, 12 प्रखण्ड, 154 पंचायत तथा 1474 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* -चतरा एक लोकसभा क्षेत्र है तथा जिले में चतरा तथा सिमरिया नामक दो विधानसभा क्षेत्र है। 

*4. लातेहार भुक्ति* - लातेहार व महुआडांड नामक दो अनुमंडल, नौ प्रखण्ड, 155 पंचायत व 772 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - लातेहार व मनिका नामक 2 विधानसभा क्षेत्र चतरा लोकसभा क्षेत्र के अंग है। 

*5. हजारीबाग भुक्ति* - हजारीबाग का जिला छोटानागपुर पठार का एक हिस्सा है । यह क्षेत्र कई पठारों, पहाड़ों और घाटियों से भरा हुआ है. इस जिले के तीन प्राकृतिक प्रभाग हैं-मध्यम पठार, निचला पठार और दामोदर घाटी. जिला मुख्यालय मध्यम पठार का एक भाग है। हजारीबाग सदर व बरही नामक दो अनुमंडल, 16 प्रखण्ड, 257 पंचायत व 1335 गाँव है

*6. कोडरमा भुक्ति* - कोडरमा नामक एक अनुमंडल व कोडरमा, जयनगर, डोमचांच, मरकच्चो, सतगावां व चंदवारा नामक 6 प्रखण्ड है। जिले में 3 नगर पालिका व 717 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - कोडरमा लोकसभा क्षेत्र का कोडरमा विधानसभा क्षेत्र है। 

*7. गिरिडीह भुक्ति* - गिरिडीह सदर,  खोरीमहुवा, सरिया बगोदर व डुमरी नामक 4 अनुमंडल, 13 प्रखण्ड ( _इसका तिसरी प्रखण्ड अंगिका समाज का अंग है।_ ) व 673 गाँव है । 
*राजनैतिक स्वरूप* - गिरिडीह एक लोकसभा क्षेत्र है तथा बगोदर, जमुआ, गाण्डे, गिरिडीह, डुमरी व धनवार नामक 6 विधानसभा क्षेत्र है

 C . छत्तीसगढ़ प्रादेशिक इकाई

 मगही समाज की छत्तीसगढ़ प्रादेशिक इकाई में बलरामपुर नामक एक भुक्ति है। 

 *1. बलरामपुर भुक्ति* -जिला बलरामपुर – रामानुजगंज मध्य भारत में छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित है।  बलरामपुर, रामानुजगंज,  राजपुर, शंकरगढ़ कुसमी तथा ( _वाड्रफनगर मगही समाज हिस्सा नहीं है_ ) तहसीलें नामक 6 तहसीलें है। जिले 630 गाँव व 365 ग्राम पंचायत है। 
*राजनैतिक स्वरूप* बलरामपुर रामानुजगंज एक लोकसभा क्षेत्र है तथा रामानुजगंज, सामरी व प्रतापपुर नामक तीन विधानसभा क्षेत्र है।
                
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मगही समाज का एक अध्याय

भाषा, संस्कृति व सभ्यता से

1. मगही बिहार व झारखंड में बोली जाने वाली एक प्रमुख भाषा है। 

2. मगही का *पहला महाकाव्य गौतम महाकवि योगेश्वर प्रसाद सिन्ह योगेश* द्वारा 1960-62 के बीच लिखा गया। 

3. मगही दिवस -23 अक्टूबर आदरणीय कविवर योगेश्वर प्रसाद सिन्ह योगेश जी जन्म दिवस है। 

4.मगही भाषा में विशेष योगदान हेतु सन् 2002 में *रामप्रसाद सिंह* को साहित्य अकादमी भाषा सम्मान दिया गया।

5. मगही की जननी संस्कृत भाषा को बताया जाता है। यह मागधी प्राकृत से निकली है। 

6. महावीर व बुद्ध के उपदेश मागधी में थे । 

7. फूल बहादुर मगही का पहला उपन्यास है। 

8. संयुक्त राष्ट्र संघ का मानवधिकार घोषणा पत्र मगही में भी है। 

9. मगही भाषा के तीन रुप - 
१. पूर्वी मगही -झारखंड में
२. शुद्ध मगही - पटना के आसपास
३. मिश्रित मगही - मगही समाज सीमा क्षेत्र में

10. मगही साहित्य का इतिहास
१. आदि पाली मगही (मागधी) काल 600 ई. पू. से 200 ईस्वी तक, अशोक कालीन साहित्य
२. प्राकृत मगही (मागधी) काल 200 ईस्वी से 550 ईस्वी तक, जैन व बौद्ध मत के उपदेश
३. अपभ्रंश मगही (मागधी) काल 550 ईस्वी से 800 ईस्वी तक, साहित्य अनुपलब्ध है। 
४. प्राचीन मगही (मागधी) काल 800 ईस्वी से 1200 ईस्वी तक कवि सरहपा का दोहाकोष 
५. मध्यकालीन मगही (मागधी) काल 1200 ईस्वी से 1600 ईस्वी तक, बाबा करमदास, बाबा सोहंगदास, बाबा हेमनाथ दास आदि
६.आधुनिक मगही (मागधी) काल 1600 ईस्वी से लगातार -

11. मगही शब्द का अर्थ - मगध की भाषा है। 

12. मगही संस्कृति के प्रमुख किरदार महावीर स्वामी व महात्मा बुद्ध है। 

13. मगही सभ्यता, संस्कृति व भाषा के अध्ययन में महापंडित राहुल सांकृत्यायन का अमूल्य योगदान है।
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