प्रगतिशील भोजपुरी समाज

प्रगतिशील भोजपुरी समाज - प्रगतिशील भोजपुरी समाज की एक केन्द्रीय इकाई होगी, जिसके अधीन राष्ट्र व प्रादेशिक इकाइयां कार्यरत रहेगी । 

A. *प्रगतिशील भोजपुरी समाज भारतवर्ष राष्ट्रीय इकाई* - इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की प्रदेश इकाइयां शामिल हैं। 

 a. *उत्तर प्रदेश प्रांत इकाई* - उत्तर प्रदेश के 17 भुक्ति शामिल हैं। 

(i) पूर्वी भाग
*1. कुशीनगर भुक्ति* - भुक्ति में पडरौना, कुशीनगर, हाटा, तमकुहीराज , खड्डा व कप्तानगंज नामक 6 तहसीलें हैं और 14 विकासखण्ड (block) व 1620 गाँव है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - यह एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है तथा फाजिलनगर, खड्डा, रामकोला, हाटा, कसया, पडरौना, तमकुही राज नामक सात विधानसभा क्षेत्र हैं। 

*2.गोरखपुर भुक्ति* - भुक्ति में
सदर, कैम्पियरगंज, चौरीचौरा, सहजनवा , खजनी , बांसगांव व गोला नामक 7 उपभुक्तियाँ है। 20 विकास खंड व 1354 ग्राम है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - गोरखपुर बांसगांव नामक दो लोकसभा क्षेत्र तथा कैम्पियरगंज, पिपराईच, गोरखपुर नगरीय, गोरखपुर ग्रामीण, सहजनवा, चौरी चौरा, खजनी, बांसगांव व चिल्लूपार नामक 9 विधानसभा क्षेत्र है। 

*3.देवरिया भुक्ति* - देवरिया सदर, भाटपार रानी, बरहज, सलेमपुर और रुद्रपुर नामक 5 तहसीलें, 16 विकास खंड तथा 2028 ग्राम है

*राजनैतिक स्वरूप* - देवरिया एक लोकसभा क्षेत्र है तथा रुद्रपुर, देवरिया, पथरदेवा, रामपुर कारखाना,भाटपार रानी सलेमपुर और बरहज नामक 7 विधानसभा क्षेत्र है। 

*4. बलिया भुक्ति* - बलिया (सदर), बेल्थरा रोड, बॉसडीह, बैरिया, रसड़ा, सिकंदरपुर नामक छ तहसीलें तथा 9 विकास खंड है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - बलिया भुक्ति में बलिया, सलेमपुर व घोसी नामक तीन लोकसभा के क्षेत्र आते है तथा रसड़ा, बेल्थरा रोड, सिकंदर पुर, बासडीह, फेफना, बलिया नगर व बैरिया नामक 7 विधानसभा क्षेत्र है। 

*5.गाजीपुर भुक्ति* -
गाजीपुर सदर, जमानिया, जखनियां, मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, सैदपुर व सैवराई नामक सात तहसीलें, 16 विकासखंड व 3385 गाँव है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - गाजीपुर एक लोकसभा क्षेत्र है तथा जाखानियां, गाजीपुर, सैदपुर, जंगीपुर, जहूराबाद, मोहम्दाबाद व ज़मानिया विधानसभा क्षेत्र है। 

*6.चंदौली भुक्ति* - चंदौली सदर, सकलडीहा, चकिया, मुगलसराय (दीनदयाल उपाध्याय नगर), नौगढ़ नामक पांच तहसीलें, 9 विकास खंड व 1651 गाँवों का समूह चंदौली भुक्ति है।
 
*राजनैतिक स्वरूप* - इस जिले में कुल 4 विधानसभा सैयदराजा, चकिया ,सकलडीहा, पं दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) तथा एक लोकसभा संसदीय क्षेत्र चंदौली है।

*7.सोनभद्र भुक्ति* - दूधी, धोरावल व रॉबर्ट्सगंज नामक तीन तहसीलें, 8 विकास खंड तथा 1442 गाँव का समूह सोनभद्र भुक्ति है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - रॉबर्ट्सगंज नामक लोकसभा क्षेत्र है तथा दूधी, धोरावल, रॉबर्ट्सगंज व ओबरा नामक चार विधानसभा क्षेत्र है। 

*8.मिर्जापुर भुक्ति* - मिर्जापुर सदर, मडिहान, लालगंज व चुनार नामक चार तहसीलें, 12 विकास खंड तथा 1967 गाँवों का समूह मिर्जापुर भुक्ति कहलाती है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - मिर्जापुर एक लोकसभा है तथा छानबे, मझंवा, मिर्जापुर, चुनार व मडिहान नामक पांच विधानसभा क्षेत्र है। 

(ii) पश्चिमी क्षेत्र 

*9.वाराणसी भुक्ति* -वाराणसी संसार के प्राचीनतम बसे शहरों एवं सर्वाधिक पवित्र नगरों में से एक है। इसे ‘बनारस’ और ‘काशी’ भी कहते हैं। वाराणसी को ‘मंदिरों का शहर’, ‘भारत की धार्मिक राजधानी’, ‘भगवान शिव की नगरी’, ‘दीपों का शहर’, ‘ज्ञान नगरी’ आदि विशेषणों से संबोधित किया जाता है। पिंडरा, वाराणसी व राजातालाब नामक तीन तहसीलें, 8 ब्लॉक,3 नगर इकाई,25 पुलिस थाना,1695 गाँवों का समूह वाराणसी भुक्ति है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - वाराणसी एक लोकसभा क्षेत्र तथा पिण्ड्रा, अजगरा, शिवपुर, रोहनियां, वाराणसी उत्तरी, वाराणसी दक्षिणी, वाराणसी कैंट व सेवापुरी नामक आठ विधानसभा क्षेत्र है 

*10. आजमगढ़ भुक्ति* - आजमगढ़ सदर, सगड़ी, लालगंज, मेहनगर, मार्टिनगंज, बुढ़नपुर, फूलपुर व निजामगढ़ नामक आठ तहसीलें, 22 विकासखंड, 13 नगर व 4101 गाँव का समूह आजमगढ़ भुक्ति कहलाता है। जिसका नाम आर्यमगंज करना प्रस्तावित है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - आजमगढ़ व लालगंज नामक दो लोकसभा क्षेत्र तथा गोपलपुर, सगड़ी, मुबारकपुर, आजमगढ़ व मेहनगर आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र की तथा अतरौलिया, निजामाबाद, फूलपुर पवई, दीदारगंज व लालगंज विधानसभा क्षेत्र लालगंज लोकसभा क्षेत्र की परिधि में है। इस प्रकार कुल 10 विधानसभा क्षेत्र आजमगढ़ भुक्ति में है। 

*11.मऊ भुक्ति* - मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहनागोहना व मऊ नामक चार तहसीलें, 9 विकास खंड, 10 नगर व 684 गाँवों के समूह को मऊ भुक्ति कहते है।  

*राजनैतिक स्वरूप* -घोसी नामक एक लोकसभा क्षेत्र है तथा मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहनागोहना व मऊ नामक चार विधानसभा क्षेत्र है। 

*12.संत कबीर नगर भुक्ति* - खलीलाबाद, मेहदावल व धनघटा नामक तीन तहसीलें, 9 विकास खंड व 1727 गाँवों का समूह संत कबीरनगर भुक्ति है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - खलीलाबाद नाम का एक लोकसभा क्षेत्र व खलीलाबाद, मेहदावल व धनघटा नामक तीन विधानसभा क्षेत्र है। 

*13.महाराजगंज भुक्ति* - महाराजगंज सदर, फरेंदा, निचलौल व नौतनवां नामक चार तहसीलें, 12 विकासखंड व 1262 गाँव का समूह महाराजगंज भुक्ति है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - महाराजगंज एक लोकसभा क्षेत्र तथा फरेंदा, नौतनवां, सिसवा, महाराजगंज व पनियरा नामक पाच विधानसभा क्षेत्र है। 

*14.सिद्धार्थनगर भुक्ति* -सिध्दार्थनगर(नौगढ़), शोहरतगढ़, बांसी, इटवा, डुमरियागंज नामक पांच तहसीलें, 14 ब्लॉक व 2545 गाँव है। _(कपिलवस्तु शहर को अवधी समाज में रखा गया है।)_

*राजनैतिक स्वरूप* - शोहरतगढ़, बांसी, डुमरिया व इटावा नामक चार विधानसभा क्षेत्र है जबकि कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र अवधी समाज में है। 

*15.जौनपुर भुक्ति* - बदलापुर, जौनपुर सदर, केराकत, मछलीशहर, मरियाहू व शाहगंज नामक 6 तहसीलें, 21 विकास खंड 3374 गाँव का समूह जौनपुर भुक्ति है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - जौनपुर व मछलीशहर नामक दो लोकसभा क्षेत्र तथा बदलापुर, जौनपुर, केराकत, मछलीशहर, मरियाहू व शाहगंज, मल्हनी, मुंगरा बदाशाहपुर व जफराबाद नामक 9 विधानसभा क्षेत्र है। 

*16. बस्ती भुक्ति* - बस्ती भुक्ति का संबंध वशिष्ठ से बताया जाता है। बस्ती सदर, हर्रैया, भानपुर व रूधौली नामक 4 तहसीलें, 14 विकास खंड व 1247 गाँव का समूह बस्ती भुक्ति है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - बस्ती एक लोकसभा क्षेत्र है तथा बस्ती सदर, हर्रैया, रूधौली, कप्तानगंज व महादेवा नामक 5 विधानसभा क्षेत्र है। 

*17.संत रविदास नगर* - भदोही, औराई व ज्ञानपुर नामक तीन तहसीलें, 6 विकास खंड व 1247 गाँव है। इस जिले नाम भदोही था जिसे बदलकर संत रविदास नगर रखा गया, जिसका मुख्यालय ज्ञानपुर है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - भदोही नामक एक लोकसभा क्षेत्र व भदोही, औराई व ज्ञानपुर नामक तीन विधानसभा क्षेत्र है। 

  b. *बिहार प्रांत इकाई* - इसमें बिहार की 9 भुक्ति शामिल है। 

*1 & 2 चंपारण भुक्ति* - महात्मा गांधी को भारतवर्ष प्रथम पहचान देने वाले नील सत्याग्रह आंदोलन की भूमि चंपारण भुक्ति अब पूर्वी व पश्चिम चंपारण भुक्ति के नाम जानी जाती है। 
*1.पूर्वी चंपारण* - इस भुक्ति का मुख्यालय मोतिहारी है। अरेराज, चकिया, मोतिहारी, पकड़ीदयाल, रक्सौल व सिकरहना नामक छ अनुमंडल तथा 27 प्रखण्ड है। । 

*राजनैतिक स्वरूप* - पूर्वी चंपारण एक लोकसभा क्षेत्र तथा हरसिद्धि, गोबिन्दगंज, केसरिया, कल्याणपुर, पीपरा, मोतिहारी, नामक 6 विधानसभा क्षेत्र है। 

*2.पश्चिम चंपारण भुक्ति* - बेतिया, बगहा, नरकटियागंज नामक तीन अनुमंडल तथा 18 प्रखंड है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - पश्चिम चंपारण एक लोकसभा क्षेत्र है तथा रक्सौल, सुगौली, नरकटिया, नौतन, चनपटिया व बेतिया नामक छ विधानसभा क्षेत्र है। 

*3.गोपालगंज भुक्ति* - गोपालगंज व हथुआ नामक 2 अनुमंडल व 7 प्रखण्ड है।
*राजनैतिक स्वरूप* - गोपालगंज एक लोकसभा क्षेत्र तथा गोपालगंज, हथुआ, बैकुण्ठपुर, बैरोली, कुचायकोट व भोरे नामक 6 विधानसभा क्षेत्र है

*4.सिवान भुक्ति* - सिवान व महाराजगंज नामक दो अनुमंडल तथा 19 प्रखण्ड तथा 1528 गाँव है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - सिवान व महाराजगंज नामक दो लोकसभा क्षेत्र तथा सिवान, जिरदेई, दरौली, रघुनाथपुर, दरौंधा, बडहरियां, गोरयाकोठी व महाराजगंज नामक 8 विधानसभा क्षेत्र है। 

*5.सारण भुक्ति* - छपरा, मंढौरा व सोनपुर नामक तीन अनुमंडल, 20 प्रखण्ड तथा 1807 गाँव है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - सारण एक लोकसभा क्षेत्र तथा महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र भी सारण जिले में आते है तथा मढ़ौरा, छपरा, गरखा, अमनौर, परसा व सोनपुर विधानसभा क्षेत्र है। 

*6.बक्सर भुक्ति* - बक्सर व डुमरांव नामक दो अनुमंडल व 11 प्रखण्ड तथा 1136 गाँव है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - बक्सर एक लोकसभा क्षेत्र तथा ब्रह्मपुर, डुमरांव, बक्सर, राजपुर, डिनारा व रामगढ़ नामक 6 विधानसभा क्षेत्र है

*7.भोजपुर भुक्ति* - भोजपुर जिला का मुख्यालय आरा है। आरा सदर, पीरो व जगदीशपुर नामक तीन अनुमंडल, 14 प्रखण्ड तथा 1223 गाँव है

*राजनैतिक स्वरूप* - आरा नामक एक लोकसभा क्षेत्र है तथा संदेश, बरहरा, आरा, अंगिआव, तरारी, जगदीशपुर व शाहपुर नामक 7 विधानसभा क्षेत्र है। 

*8. रोहतास भुक्ति* - रोहतास जिले का मुख्यालय सासाराम है। सासाराम, डेअरी ऑन सोन व विक्रमगंज नामक तीन अनुमंडल, 19 प्रखण्ड व 2082 गाँव है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - बक्सर, सासाराम व काराकाट लोकसभा के क्षेत्र रोहतास जिले में है तथा चेनारी, सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डेहरी व काराकाट नामक 7 विधानसभा क्षेत्र है। काराकाट 

*9 भभुआ उपभुक्ति (कैमूर भुक्ति)* - कैमूर जिले का मुख्यालय भभुआ है। भभुआ एक अनुमंडल है।  

*राजनैतिक स्वरूप* - भभुआ एक विधानसभा क्षेत्र है। 

c. *मध्यप्रदेश प्रांत इकाई* - इसमें मध्यप्रदेश की एक भुक्ति शामिल

*1.सिंगरौली भुक्ति* - सिंगरौली, चितरंगी, देवरस, मांडा व सरई नामक 5 तहसीले व बैढ़न, चितरंगी व देवरस नामक तीन ब्लॉक भी है तथा 816 गाँव है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - सीधी लोकसभा क्षेत्र तथा सिंगरौली, चितरंगी व देवरस नामक तीन विधानसभा क्षेत्र है। 

 d. *छत्तीसगढ़ प्रांत इकाई* - इसमें छत्तीसगढ़ की एक भुक्ति शामिल हैं

*1.वाड्रफनगर उपभुक्ति( भुक्ति बलरामपुर)* - बलरामपुर एक तहसील वाड्रफनगर है। 

 B. *प्रगतिशील भोजपुरी समाज की नेपाल राष्ट्रीय इकाई*

 a . *पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र* इसमें नेपाल के दो क्षेत्र शामिल हैं। 

*1.रूपन्देही भुक्ति* - नेपाल देश के पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र के लुम्बिनी अंचल का एक जिला है। इस नाम बुद्ध की आमा मायादेवी के नाम पर हुआ। वह बहुत रुपवती थी ।इसलिए उन्हें रुपन्देही कहते थे।यह भुक्ति ऐतिहासिक एवं पर्यटकीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भुक्ति का क्षेत्रफल 1360.70 वर्गकिलोमीटर है। गैडहवा, बिष्णपुरा, नन्दभाउजु व चिल्हिया नामक चार तहसीलें अर्थात उपभुक्ति है। तिनाउ, रोहीणी, दानव, कोठी, महाव, कञ्चन व बधेला नामक नदियाँ भी इस भुक्ति में बहती है।

*राजनैतिक स्वरूप* -60 ग्राम विकास समितियां, 5 नगरपालिका, 1 उपमहानगरपालिका 17 इलाका व 5 संसदीय क्षेत्र है। 

*2.नवलपरासी भुक्ति*- नेपाल देश के पश्चिमाञ्चल में है। जिले का पूर्वी भाग गण्डकी तथा पश्चिमी भाग लुम्बिनी अंचल में है। जिले का मुख्यालय परासी बाजार है। जिले का क्षेत्रफल 2162 वर्गकिलोमीटर है। 

*राजनैतिक स्वरूप* -4 ग्राम विकास समिति, 3 नगर समिति व 2 संसदीय क्षेत्र है। 

b. *मध्याञ्चल विकास क्षेत्र* - इसमें नेपाल के दो क्षेत्र शामिल है । 

*1. रौतहट भुक्ति* - नेपाल देश के मध्याञ्चल विकास क्षेत्र के नारायणी अञ्चल का एक जिला है। जिला का मुख्यालय गौर है तथा इसका क्षेत्रफल 1226 वर्ग किलोमीटर है। बाग्मती, लालबकैया, अरुवा, झाँझ, पौराई व चाँदी नामक प्रमुख नदियाँ जिले में बहती है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - 1 जिला विकास समिति, 2 ग्राम विकास समिति तथा 16 नगरपालिका है। 4 संसदीय क्षेत्र भी है। 

2. *बारा भुक्ति*-  नेपाल देश के मध्याञ्चल विकास क्षेत्र के नारायणी अंचल का एक जिला है जहाँ की प्रमुख नदियाँ -अणुवा(अरुवा), लालवकैया, पसाहा, जमुनी, तीयर, दुधौरा, बंगरी व थल्ही है। जिले का क्षेत्र फल 1180 वर्गकिलोमीटर है।

भोजपुरी भाषा से.........✍
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1. माना जाता है कि भोजपुरी भाषा का नामकरण बिहार राज्य में जिले में स्थित भोजपुर नामक गाँव के नाम पर हुआ है। 

2. भोजपुरी का नामकरण राजा भोज के नाम पर हुआ। 

3. बताया जाता है कि भोजपुरी भाषा का इतिहास 7 वीं सदी से शुरू होता है। 

4. भोजपुरी भाषा का पहला प्रमाणित ग्रंथ गोरखबानी (1100ई.) है। 

5. संत कबीर (1297ई.) का जन्म दिवस भोजपुरी दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

6. भोजपुरी भाषा नेपाल व फिजी की संवैधानिक भाषा है। 

7. भोजपुरी का प्रमुख प्रभाव पूर्वी उत्तर प्रदेश व पश्चिमी बिहार में है। 

8. भोजपुरी के दो रुप है - आदर्श भोजपुरी (जिसे डॉ॰ ग्रियर्सन ने स्टैंडर्ड भोजपुरी कहा है वह प्रधानतया बिहार राज्य के आरा जिला और उत्तर प्रदेश के देवरिया, बलिया, गाजीपुर जिले के पूर्वी भाग और घाघरा (सरयू) एवं गंडक के दोआब में बोली जाती है) व पश्चिमी भोजपुरी (जौनपुर, आजमगढ़, बनारस, गाजीपुर के पश्चिमी भाग और मिर्जापुर में बोली जाती है।) 

9. भोजपुरी साहित्य में भिखारी ठाकुर योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्हें भोजपुरी का शेक्सपीयर भी कहा जाता है। (उनके प्रमुख ग्रंथ है:- बिदेशिया, बेटीबेचवा, भाई बिरोध, कलजुग प्रेम, विधवा बिलाप इत्यादि) 

10. महेंदर मिसिर भी भोजपुरी के एक मूर्धन्य साहित्यकार हैं । एक स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ साथ महेंदर मिसिर भोजपुरी के महान कवि भी थे. उन्हें पुरबी सम्राट के नाम से भी जाना जाता है। 

11. संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानवाधिकारों का सार्वभौम घोषणा को विश्व के १५४ भाषाओं में प्रकाशित किया है, जिसमें से एक भोजपुरी भाषा है। 

12. आचार्य हवलदार त्रिपाठी "सह्मदय" लम्बे समय तक अन्वेषण कार्य करके इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि भोजपुरी संस्कृत से ही निकली है।

13. कुछ भोजपुरी शब्द - जव (यव), रिसी अथवा रिखि (ऋषि), रामायन अथवा रमायन ( रामायण) बर्खा अथवा बरखा (वर्षा), देस(देश), दुध(दूध) माठा (मट्ठा) , चाउर( चावल) इत्यादि। 

संकलन - श्री आनन्द किरण "देव"
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