मालवा समाज

🌼 * हमारा मालवा अथवा मालवी समाज* 🌼
भारतवर्ष के मध्यप्रदेश राज्य का दक्षिण पश्चिम क्षेत्र है। मालवा के अधिकांश भाग का गठन जिस पठार द्वारा हुआ है उसका नाम भी इसी अंचल के नाम से मालवा का पठार है। इसे प्राचीनकाल में 'मालवा' या 'मालव' के नाम से जाना जाता था। वर्तमान में मध्यप्रदेश प्रांत के पश्चिमी भाग में स्थित है। समुद्र तल से इसकी औसत ऊँचाई 496 मी॰ है। मालवी भारत के मालवा क्षेत्र की भाषा है। मालवा भारत भूमि के हृदय-स्थल के रूप में सुविख्यात है। मालवा क्षेत्र का भू-भाग अत्यन्त विस्तृत है। पूर्व दिशा में बेतवा नदी, उत्तर-पश्चिम में चम्बल और दक्षिण में पुण्य सलिला नर्मदा नदी के बीच का प्रदेश मालवा है। 

*पूर्वी भाग मालवा समाज*

*1. नीमच भुक्ति* - केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की जन्म स्थली तथा मुख्यालय नीमच एशिया का सबसे बड़ा अफीम उत्पादक है, जहाँ सरकारी विशाल अफीम कारखाना है। 
नीमच जिले में 7 तहसील है । जिनके नाम नीमच ग्रामीण, नीमच शहरी, जीरन, मनासा, रामपुरा, जावद व सिंगोली है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की नीमच व जावद नामक दोनों विधानसभा क्षेत्र मन्दसौर लोकसभा क्षेत्र में है। 

*2. मंदसौर भुक्ति* - मंदसौर में शिवना नदी बहती है। मन्दसौर जिले में 8 तहसील हैं। जिनके नाम - मन्दसौर, मल्हारगढ़, सीतामऊ, सुवासरा, भानपुरा, गरोठ, शामगढ़ व दलौदा । 
*राजनैतिक स्वरूप* -मन्दसौर, मल्हारगढ़, सुवासरा व गरोठ नामक चारों विधानसभा क्षेत्र मन्दसौर लोकसभा क्षेत्र में है। 

*3. रतलाम भुक्ति* - रतलाम जिला जून 1948 में बनाया गया था और जनवरी 1949 में इसे पुनर्गठित किया गया था। यह रतलाम, जोरा, सैलाना, पिपलोदा की पूर्व रियासत के क्षेत्र को कवर करता है। रतलाम जिले में 9 तहसील - रतलाम शहर, रतलाम ग्रामीण, सैलाना, बाजना, रावटी, जावरा, पिपलोदा, आलोट व ताल है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिलें की रतलाम शहरी, रतलाम ग्रामीण व सैलाना नामक तीन विधानसभा क्षेत्र रतलाम लोकसभा क्षेत्र में तथा जावरा विधानसभा क्षेत्र मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में है जबकि आलोट विधानसभा क्षेत्र उज्जैन लोकसभा क्षेत्र में है। 

*4. झाबुआ भुक्ति* - झाबुआ मध्यप्रदेश राज्य के मालवा क्षेत्र का एक जिला है। झाबुआ जिले में 6 तहसीलें है, जिनके नाम - राणापुर, थांदला, पेटलावद, झाबुआ, मेघनगर व रामा है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की थांदला, पेटलावद व झाबुआ नामक तीनों विधानसभा क्षेत्र रतलाम लोकसभा क्षेत्र में है। 

*5. अलीराजपुर भुक्ति* - क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्म स्थली अलीराजपुर जिले में 5 तहसील शामिल हैं अलीराजपुर, जोबट, सोंडवा, कट्टीवाड़ा और चंद्र शेखर आजाद नगर (भाभरा)।
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की अलीराजपुर व जोबट नामक दोनों विधानसभा क्षेत्र रतलाम लोकसभा क्षेत्र में है। 

*6.बडवानी भुक्ति* - नर्मदा नदी इसकी उत्तरी सीमा बनाती है। ठीकरी इस का प्रवेश द्वार और एक तहसील भी है। सेंधवा इसका प्रसिद्ध नगर है। यह कपास के लिये प्रसिद्ध है। बड़वानी जिले में 9 तहसील है जिनके नाम - बड़वानी, ठीकरी, पाटी, निवाड़ी, सेंधवा, पानसेमल, अंजड़, राजपुर व वरला। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की सेंधवा, पानसेमल, राजपुर व बड़वानी नामक 4 विधानसभा क्षेत्र खरगौन लोकसभा क्षेत्र में है। 

*7. घार भुक्ति* - यहां भारतीय चित्रकला का अनूठा नजारा देखने को मिलता है. यहां की बौद्धकला भारत ही नहीं एशिया में भी प्रसिद्ध है. जिले में आठ राजस्व ब्लॉक (तहसील) शामिल हैं- धार, कुक्षी, बदनावर, सरदारपुर, गंधवानी, मनावर, धरमपुरी और डही।
*राजनैतिक स्वरूप* - धार, कुक्षी, बदनावर, सरदारपुर, गंधवानी, मनावर व धरमपुरी नामक 7 विधानसभा क्षेत्र धार लोकसभा क्षेत्र में है। 

*8. उज्जैन भुक्ति* - उज्जैन (उज्जयिनी) भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक प्रमुख शहर है जो क्षिप्रा नदी या शिप्रा नदी के किनारे पर बसा है। यह एक अत्यन्त प्राचीन शहर है। यह महान सम्राट विक्रमादित्य के राज्य की राजधानी थी । उज्जैन को कालिदास की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। उज्जैन के अन्य नाम उज्न, उज्जैनी, अवंती, अवंतिका व अवंतिकपुरी है। जिले में उज्जैन, घटि्टया, बड़नगर, खाचरौद, महिदपुर, तराना, नागदा, झारड़ा व माकड़ौन नामक 9 तहसील है।
*राजनैतिक स्वरूप* - नागदा-खाचरौद, महिदपुर, तराना, घटि्टया, उज्जैन उत्तर, उज्जैन दक्षिण व बड़नगर नामक 7 विधानसभा क्षेत्र उज्जैन लोकसभा क्षेत्र में है। 


*मध्य भाग मालवा समाज*

*9. आगर मालवा भुक्ति* - आगर मालवा ज़िला भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक प्रमुख ज़िला है। यह मध्यप्रदेश का 51वाँ ज़िला हैं। ज़िले का मुख्यालय आगर है। आगर-मालवा ज़िला अपनी लाल मिट्टी के लिये भारत में प्रसिद्ध हैं। आगर की स्थापना राजा आगरीय भील ने 10 वी सदी के दौरान करी थी। इसके अंतर्गत चार तहसील आती हैं तहसील बडौद, आगर, सुसनेर, नलखेड़ा।
*राजनैतिक स्वरूप* - आगर विधानसभा क्षेत्र देवास लोकसभा क्षेत्र में तथा सुसनेर विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में है। 

*10 . इन्दौर भुक्ति* - इसका प्राचीन काल में इन्द्रपुरी नाम था, जो मराठा मुगल काल में इंदूर हो गया तथा ब्रिटिश काल इंदौर नाम रखा गया था। इंदौर जिले मे 10 तहसील है - जूनी इन्दौर, कनाडिया, बिचौली हप्सी, मल्हारगंज, खुडैल, राऊ, डॉ अम्बेडकर नगर (महू), सांवेर, देपालपूर व हातोद। 
*राजनैतिक स्वरूप* - राऊ, सांवेर, देपालपूर, इंदौर 1, इंदौर 2, इंदौर 3, इंदौर 4 व इंदौर 5 विधानसभा क्षेत्र इंदौर लोकसभा क्षेत्र में तथा डॉ अम्बेडकर नगर (महू) धार लोकसभा क्षेत्र में है। 

*11. खरगौन भुक्ति* - नर्मदा घाटी के लगभग मध्य भाग में स्थित इस जिले के उत्तर में विंध्याचल एवं दक्षिण में सतपुड़ा पर्वतश्रेणियां हैं। नर्मदा नदी जिले में लगभग 50 कि॰मी॰ बहती है। कुंदा तथा वेदा अन्य प्रमुख नदियां हैं। जिले में कुल 11 तहसीलें है - खरगौन, खरगौन नगर, कसरावद, महेश्वर, बडवाह, सनावद, गोगावां, भीकनगॉव, झिरनिया, भगवानपुरा व सेगांव। 
*राजनैतिक स्वरूप* - खरगौन, कसरावद, महेश्वर भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र खरगौन लोकसभा क्षेत्र में तथा बडवाह लोकसभा क्षेत्र खंड़वा लोकसभा क्षेत्र में है। 

*12. राजागढ़ भुक्ति* - जिले की वक्र सीमाए एक नाशपाती के समान है। राजगढ़, खिलचीपुर, जीरापुर, ब्यावरा, नरसिंहगढ़, सारंगपुर, पचोर, खुजनेर व सुठालिया नामक 9 तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - राजगढ़, खिलचीपुर, ब्यावरा, नरसिंहगढ़ व सारंगपुर नामक पांचों विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में है। 

*13. शाजापुर भुक्ति* - शाजापुर जिला, क्षेत्रीय चित्रण की वर्तमान योजना के अनुसार केंद्रीय मध्यप्रदेश पठार-रतलाम पठार माइक्रो क्षेत्र का एक हिस्सा है। शाजापुर, मोहन बडोदिया, गुलाना, शुजालपुर, कालापीपल, अवंतिपुर बडोदिया व पोलायकला नामक 7 तहसीलें है।
*राजनैतिक स्वरूप* -   
शाजापुर, शुजालपुर व कालापीपल विधानसभा क्षेत्र देवास लोकसभा क्षेत्र में है। 
*14. देवास भुक्ति* - कर्क रेखा जिले के खातेगांव शहर के दक्षिण में स्थित नेमावर ग्राम के पास से गुजरती है। जिला 9 तहसीलो में बटा हुआ है - सोनकच्छ, देवास, बागली, कन्नौद, टोंकखुर्द, खातेगांव, सतवास, हाटपिपल्या व उदयनगर।
*राजनैतिक स्वरूप* - सोनकच्छ, देवास व हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र देवास लोकसभा क्षेत्र में, खातेगांव विधानसभा क्षेत्र विदिशा लोकसभा क्षेत्र में तथा बागली विधानसभा क्षेत्र खंड़वा लोकसभा क्षेत्र में है। 

*15. खंड़वा भुक्ति* - राज्य का पॉवर हब खंडवा जिला भारतीय साहित्य की आत्मा नाम से प्रसिद्ध पंडित माखनलाल चतुर्वेदी फिल्म स्टार अशोक कुमार व पार्श्व गायक किशोर कुमार के लिए भी जिला जाना जाता है। जिला को चार अनुभागों , खंडवा, पंधाना, पुनासा, हरसूद में विभाजित किया गया है जो पाँच तहसील, जैसे, खंडवा, पंधाना, हरसूद, पुनासा और खालवा में विभाजित है।
*राजनैतिक स्वरूप* -खंडवा, पंधाना व मांधाता विधानसभा क्षेत्र खंड़वा लोकसभा क्षेत्र में तथा हरसूद विधानसभा क्षेत्र बेतूल लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 

*16. सीहोर भुक्ति* - सीहोर मालवा क्षेत्र के मध्य में विंध्याचल रेंज की तलहटी में है। सीहोर का एक लंबा और गौरवशाली इतिहास है। शैव, शक्ति, जैन, वैष्णव, बुद्धवादियों और नाथ पुजारी ने सीहोर को अपने गहरे ध्यान की एक महत्वपूर्ण जगह बना दी है। सीहोर भोपाल संपत्ति का एक हिस्सा था। मध्यप्रदेश के गठन के बाद, राज्य की राजधानी भोपाल सीहोर जिले का हिस्सा था। इसे 1972 में विभाजित किया गया था और एक नया जिला भोपाल का गठन किया गया था। श्यामपुर, सीहोर शहरी, सीहोर ग्रामीण, आष्टा, जावर, इछावर, नसरुल्लागंज, बुदनी, रेहटी नामक 9 तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले में कुल चार विधानसभा क्षेत्र है - बुदनी व इछावर विदिशा लोकसभा क्षेत्र में, सीहोर भोपाल में तथा आष्टा देवास लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 


*पश्चिम भाग मालवा समाज*

*17. भोपाल भुक्ति* - भारत की हृदय नगरी के नाम व्यख्यात भोपाल नगरी तहसील, जिला व संभाग मुख्यालय व राज्य की राजधानी है। जिले में कोलार, हुज़ूर व बैरसिया नामक तीन तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की बैरसिया, गोविंदपुरा, हुज़ूर, नरेला, भोपाल मध्य, भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण पश्चिम नामक सातों विधानसभा क्षेत्र भोपाल लोकसभा क्षेत्र के अंग है। 

*18. हरदा भुक्ति* - हरदा एक ऐतिहासिक नगर है। जिले में हरदा, हंडिया, टिमरनी, रहटगांव खिरकिया व सिराली नामक 6 तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की टिमरनी व हरदा नामक दोनों विधानसभा क्षेत्र बैतूल लोकसभा क्षेत्र में है। 

*19. विदिशा भुक्ति* - जिले का वैचित्र्य यह है जिले की नटेरन तहसील के रावन गांव में रावण को पूजा जाता है और कुरवाई तहसील का पलीता गांव में मेघनाथ को पूजा जाता है। इस प्रकार अनेक ऐतिहासिक वैचित्र्य को लिए विदिशा जिले में विदिशा नगर, विदिशा ग्रामीण, ग्यारसपुर, गंजबासौदा, नटेरन, कुरवाई, सिरोंज, लटेरी, शमशाबाद, त्योंदा, गुलाबगंज और पठारी नामक 12 तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की विदिशा व बासौदा नामक दो विधानसभा क्षेत्र विदिशा लोकसभा क्षेत्र में तथा कुरवई, सिरोंज, शमशाबाद नामक तीन विधानसभा क्षेत्र सागर लोकसभा क्षेत्र में है। 

*20. रायसेन भुक्ति* - सांची का स्तूप व भीमबेटका की गुफा ने जिले विशेष पहचान दी है।रायसेन जिले की 9 तहसील - रायसेन, गैरतगंज, बेगमगंज, सिलवानी, गौहरगंज, बरेली, बाड़ी, उदयपुरा तथा सुल्तानपुर है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की सांची, सिलवानी व भोजपुर नामक तीन विधानसभा क्षेत्र विदिशा लोकसभा क्षेत्र में तथा उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र में है। 

*21. होशंगाबाद भुक्ति* -
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की सिवनी-मालवा, होशंगाबाद, सोहागपुर व पिपरिया नामक चारों विधानसभा क्षेत्र होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र में है। 

*22. बैतूल भुक्ति* -
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की मुलताई, आमला, बैतूल, घोडाडोगरी, भैंसदेही नामक पांचों विधानसभा क्षेत्र में है। 

*23. छिंदवाड़ा भुक्ति* -
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की चौरई, सौसर, अमरवाड़ा, छिंदवाड़ा, जुन्नारदेव, परासिया व पांढर्ना नामक सातों विधानसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 

*24. नरसिंहपुर भुक्ति* -
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की नरसिंहपुर, तेंदूखेड़ा व गाडरवारा नामक तीन विधानसभा क्षेत्र होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र में तथा गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र मण्डला लोकसभा क्षेत्र में है।
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