बुंदेलखंड समाज

                 बुंदेलखंड
 बुंदेली भारत के एक विशेष क्षेत्र बुन्देलखण्ड में बोली जाती है। यह कहना बहुत कठिन है कि बुंदेली कितनी पुरानी बोली हैं लेकिन ठेठ बुंदेली के शब्द अनूठे हैं जो सादियों से आज तक प्रयोग में आ रहे हैं। बुंदेलखंडी के ढेरों शब्दों के अर्थ बंग्ला तथा मैथिली बोलने वाले आसानी से बता सकते हैं।

प्राचीन काल में बुंदेली में शासकीय पत्र व्यवहार, संदेश, बीजक, राजपत्र, मैत्री संधियों के अभिलेख प्रचुर मात्रा में मिलते है। कहा तो यह‍ भी जाता है कि औरंगजेब और शिवाजी भी क्षेत्र के हिंदू राजाओं से बुंदेली में ही पत्र व्यवहार करते थे। एक-एक क्षण के लिए अलग-अलग शब्द हैं। गीतो में प्रकृति के वर्णन के लिए, अकेली संध्या के लिए बुंदेली में इक्कीस शब्द हैं। बुंदेली में वैविध्य है, इसमें बांदा का अक्खड़पन है और नरसिंहपुर की मधुरता भी है। 

बुंदेलखंड़ समाज क्षेत्र में  मध्यप्रदेश का उत्तरी भाग व  उत्तर प्रदेश का दक्षिण पूर्वी भाग में है। 

*बुंदेलखंड़ समाज की संरचना*

बुंदेलखंड़ समाज के केन्द्रीय कार्यालय के अंतर्गत मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश की प्रांतीय इकाई क्रियाशील रहती है। 

*A. मध्यप्रदेश प्रांतीय इकाई ( बुंदेलखंड़ समाज)* - बुंदेलखंड़ी समाज की मध्यप्रदेश प्रांतीय इकाई के अंतर्गत  9 भुक्ति इकाई तथा 1 उपभुक्ति इकाई क्रियाशील  रहती है। 

*1. भिंड भुक्ति* -मध्य प्रदेश का यह जिला भौगोलिक रूप से बीहड़, उपजाऊ भूमि और घने वनों के लिए जाना जाता है। भिंड, मध्य भारत जिसे 28 मई 1948 को गठित किया गया था, के 16 जिलों में से एक था । इसके बाद, नवंबर में राज्यों के पुनर्गठन के परिणामस्वरूप 1956 में भिंड नवीन राज्य मध्य प्रदेश का हिस्सा बन गया l पूर्व में भिंड जिले में भिंड, मेहगाँव, गोहद और लहार कुल 04 तहसील थीं, परन्तु वर्तमान में इनकी संख्या 08 है l ये तहसीलें हैं – भिंड, अटेर, मेहगाँव, गोहद, मिहोना, लहार, गोरमी एवं रौन l इतिहास के अनुसार, भिंड नाम ऋषि भिंडी से उद्भूत है। यह सर्बविदित तथ्य है युगों से भिंड डकैतों, लुटेरों या ठगों की लूटमार से ग्रस्त रहा है । भिंड की मिट्टी बहुत उपजाऊ है जो चंबल और सिंध नदियों और सहायक धाराओं, यथा क्वारी व पहुज से सिंचित होती है।

*राजनैतिक स्वरूप* -  भिण्ड एक लोकसभा क्षेत्र है, जिसमें जिले की  भिंड, अटेर, मेहगाँव, गोहद व लहार नामक 5 विधानसभा क्षेत्र है l

*2. ग्वालियर भुक्ति* -ग्वालियर जिला भारतीय राज्य मध्य प्रदेश का एक जिला है। यह जिले का नाम एक प्रसिद्ध किला के नाम  रखा गया था। इस प्रसिद्ध किला का नाम पहाडी के नाम से लिया गया था। इस समतल शिखरयुक्त पहाड को गोपाचल, गोपगिरि, गोप पर्वत या गोपाद्रि कहा जाता था। इससे  ग्वालियर शब्द का निर्माण हुआ है ग्वालियर जिले में तीन तहसील हैं-ग्वालियर (गिर्द), डबरा तथा भितरवार। इस जिले में चार विकास-खण्ड हैं भितरवार, घाटीगाँव (बरई), मुरार तथा डबरा । इस जिला में तीन नगर पंचायत है बिलौआ, पिछोर एवं आंतरी। इस जिला में दो नगरपालिका डबरा व भितरवार एंव ग्वालियर नगरनिगम अवस्थित है।

*राजनैतिक स्वरूप* - ग्वालियर एक लोकसभा क्षेत्र है, जिसमें जिले की ग्वालियर, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर दक्षिण, ग्वालियर पूर्व, डबरा व भितरवार नामक 6 विधानसभा क्षेत्र है। 

*3. दतिया भुक्ति* - यह एक प्राचीन शहर है, जिसका उल्लेख महाभारत में वर्णित है।  दतिया जिले में दतिया, सेंवढ़ा, इंदरगढ़, भांडेर और बड़ौनी ही तहसील यानि पांच तहसीलें थीं। इनमें दो तहसीलें इंदरगढ़ का गठन वर्ष 2012 में हुआ है जबकि बड़ौनी तहसील चार साल पहले ही बनकर तैयार हुई है। अब छठवीं तहसील के रूप में एक जनवरी 2019 से दतिया नगर तहसील भी धरातल पर आ गई है।

*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की दतिया, सेंवढ़ा, व भांडेर विधानसभा क्षेत्र भिण्ड लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आते है। 
*4. करेरा उपभुक्ति* (शिवपुरी भुक्ति)  - करेरा शिवपुरी भुक्ति का एक जनपद पंचायत है। जिसमें 66 ग्राम पंचायत है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - करेरा विधायक क्षेत्र है, जो ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र का अंग है। 

*5. अशोक नगर भुक्ति* - अशोकनगर सिंध और बेतवा नदियों के बीच मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग पर स्थित है । यह मालवा पठार के उत्तरी भाग के अंतर्गत आता है, हालांकि जिले के मुख्य भाग बुंदेलखंड के पठार में स्थित है।अशोकनगर पूर्व मे पछार के नाम से जाना जाता था । अशोकनगर, बहादुरपुर, चंदेरी, ईसागढ़, मुंगावली व नई सराय तहसीलें है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - जिले में अशोकनगर, चंदेरी व मुंगावली नामक तीन विधानसभा क्षेत्र है, जो गुना लोकसभा क्षेत्र के अंग है। 

*6. गुना भुक्ति* - गुना ग्वालियर संभाग में स्थित है। जिले में गुना, आरोन, राघौगढ, मधुसूदनगढ़ , बमोरी, चाचोड़ा एवं कुंभराज सात तहसीलें तथा गुना, आरोन, राघौगढ, चाचोड़ा , बमोरी पांच विकासखण्ड है। जिले में आबाद ग्रामों की संख्या 1264 तथा कुल ग्राम पंचायतों की संख्या 425 है। साथ ही जिले में 5 जनपद पंचायतें तथा 2 नगरपालिका एवं 3 नगर पंचायतें हैं |

*राजनैतिक स्वरूप* - गुना एक लोकसभा क्षेत्र है, जिसमें जिले के गुना व बमोरी नामक 2 विधानसभा क्षेत्र है तथा राघौगढ व चाचोड़ा नामक 2 विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में आते है। 

*7. सागर भुक्ति* -सागर जिला मध्यप्रदेश के उत्तर मध्य क्षेत्र में बसा हुआ है। नाम की उत्पत्ति हिन्दी शब्द सागर से हुई है जिसका अर्थ झील या समुद्र है। यह जिला 9 तहसीलों में विभाजित है। सागर, बंडा, खुरई, रेहली, गढ़ाकोटा, बीना, राहतगढ़, केसली और देवरी इन तहसीलों की कमान तहसीलदार या उपसंभागीय अधिकारी के हाथों रहती है।

*राजनैतिक स्वरूप* - सागर एक लोकसभा क्षेत्र है, जिसमें जिले की सागर, नारोली, सुरखी, खुरई व बीना नामक 5 विधानसभा क्षेत्र आते हैं जबकि बंडा, देवरी व रेहली नामक तीन विधानसभा क्षेत्र दमोह लोकसभा क्षेत्र में आते है। 

*8. दमोह भुक्ति* - दमोह शहर का नाम हिंदू पौराणिक कथाओं के राजा नाल की पत्नी दमयंती से आता है। मुग़ल बादशाह अकबर के शासनकाल के दौरान दमोह मालवा प्रांत (सूबा) का हिस्सा था। इस नगर में शिव, पार्वती एवं विष्णु की मूर्तियों सहित कई प्राचीन प्रतिमाएँ हैं। जिले की दमोह, हटा, जबेरा, पथरिया, तेंदूखेड़ा, पटेरा व बटियागढ तहसीलें है। 

*राजनैतिक स्वरूप*  - दमोह एक लोकसभा क्षेत्र है, जिसमें जिले की दमोह, हटा, जबेरा व पथरिया नामक 4 विधानसभा क्षेत्र आते है। 

*9. छतरपुर भुक्ति* - छतरपुर जिला भारत के मध्य प्रदेश राज्य के 51 जिले में से एक है|  जिला प्रशासन का मुख्यालय छतरपुर शहर में स्थित है|  इस जिले में 6 अनुभाग(सब डिवीज़न),11 तहसील ,8 जनपद पंचायत ,3 नगर पालिका तथा 12 नगर परिषद् है|  छतरपुर जिले में तहसीलों की कुल संख्या 11 है। जिसके अंतर्गत छतरपुर, नौगांव , राजनगर, बिजावर, लवकुशनगर, गौरिहार, बड़ामलहरा, बक्स्वाहा, महाराजपुर, चंदला एवं घुवारा तहसीलें शामिल हैं। 

*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की छतरपुर, बिजावर व महाराजपुर नामक 3 विधानसभा क्षेत्र टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में है तथा चंदला व राजनगर   नामक 2 विधानसभा क्षेत्र खुजराहो लोकसभा क्षेत्र में है जबकि मल्हार विधानसभा क्षेत्र दमोह लोकसभा क्षेत्र में है। 

*10. टीकमगढ़ भुक्ति* -जिला मौर्यों, सुंगों और शाही गुप्तों द्वारा क्रमिक रूप से शासित विशाल साम्राज्यों का हिस्सा था। यह नौवीं शताब्दी ई. की पहली तिमाही में था, मन्नुका ने इस क्षेत्र में चंदेल वंश के एक नए राजवंश की स्थापना की और टीकमगढ़ के साथ-साथ खजुराहो और महोबा ने व्यापक चंदेल साम्राज्य का हिस्सा बनाया। टीकमगढ जिले को 6 तहसीलों में बांटा गया है। टीकगमढ़, निवाड़ी और जतारा, टीकमगढ़ उपसंभाग में टीकमगढ़ और बलदेवगढ़ तहसील है। निवारी और पृथ्वीपुर तहसील निवारी उपसंभाग में है, जबिक जतारा उपसंभाग में जतlरा और पलेरा तहसील है। टीकमगढ़, जतारा, बलदेवगढ़, पलेरा, निवाड़ी और पृथ्वीपुर 6 विकासखंड हैं।
*राजनैतिक स्वरूप* - टीकमगढ़ एक लोकसभा क्षेत्र है जिसमें जिले की टीकमगढ़, जतारा, खरगापुर, निवाड़ी और पृथ्वीपुर नामक 5 विधानसभा क्षेत्र है। 


*B. उत्तर प्रदेश प्रांत इकाई (बुंदेलखंड समाज)* - उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड समाज क्षेत्र में 6 भुक्ति इकाइयां है। 

*1. ललितपुर भुक्ति* - बाहरी प्रमंडल का जिला ललितपुर बुंदेलखंड क्षेत्र में आता है। ललितपुर, तालबेहट, महरौनी, मदावरा व पाली नामक 5 तहसीलें है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - झांसी लोकसभा क्षेत्र का अंग ललितपुर जिले मेंललितपुर व महरौनी नामक 2 लोकसभा क्षेत्र है। 

*2. झांसी भुक्ति* - कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध झांसी जिला भारतीय स्वाधीनता की साहसी कहानी कहता है, जिले में झांसी, मोंठ, गरौठा, टहरौली और मऊरानीपुर नामक 5 तहसीलें तथा 8 विकासखंड है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - झांसी एक लोकसभा क्षेत्र है तथा जिसमें  झांसी नगर, बबीना, मऊरानीपुर व गरौठा नामक 4 विधानसभा क्षेत्र है। 

*3. हम्मीरपुर भुक्ति* -यह जिला बुन्देलखण्ड के अंतर्गत आता है। जिले का मुख्यालय हमीरपुर है। यह शहर यमुना तथा बेतवा नदियों के संगम पर बसा है। हमीरपुर शहर जिला का मुख्यालय है। इसमें चार तहसील हमीरपुर, मौदहा, राठ, सरीला और सात ब्लाक गोहाण्ड, कुरारा, मौदहा, मुस्करा , राठ, सरीला ,सुमेरपुर शामिल हैं।

*राजनैतिक स्वरूप* -  हमीरपुर एक लोकसभा क्षेत्र तथा हमीरपुर व राठ नामक 2 विधानसभा क्षेत्र है। 

*4. महोबा भुक्ति* - वर्तमान समय में महोबा जिले में 3 तहसील है और 4 ब्लॉक है और सरकारी वेबसाइट अनुसार 521 गांव है लेकिन हमे ग्रामो के बारे में जानकारी 516 की ही मिली शायद इन पांच ग्रामो का निर्माण अर्वाचीन है, उत्तर प्रदेश के जिले महोबा में तहसील के अनुसार अलग अलग संख्या में ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत एवं पंचायत घर भी है । महोबा, चरखारी व कुल पहाड़ तहसीलों के नाम है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - महोबा व चरखारी नामक 2 विधानसभा क्षेत्र तथा जिला हम्मीरपुर लोकसभा क्षेत्र में है। 

*5. बांदा भुक्ति* - बांदा के वर्तमान जिले में पांच तहसील जैसे बांदा, नरैनी, बबेरू, पैलानी और अतर्रा और आठ विकास खंड है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - बांदा एक लोकसभा क्षेत्र है तथा  बांदा, नरैनी(नारायणी), बबेरू व तिन्दवारी नामक 4 विधानसभा क्षेत्र है। 

*6. जालौन भुक्ति* - जालौन, उरई, कालपी, कोंच व माधोगढ़ नामक 5 तहसीलें है। जिले में 1151 गाँव है। 

*राजनैतिक स्वरूप* - जालौन-गरौठा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है तथा जिलें में उरई, कालपी व माधोगढ़ नामक 3 विधानसभा क्षेत्र है।
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