बघेलखंड समाज

*बघेलखंड समाज* - मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के बघेली भाषी क्षेत्र में बघेलखंड सभ्यता एवं संस्कृति का ध्वज आरूढ़ है। बंघेलियों के संस्कार एवं स्वाभिमान को प्रउत दर्शन के साथ आगे ले चलने की जिम्मेदारी बघेलखंडी समाज आंदोलन की है। 
*बघेलखंड समाज की केन्द्रीय इकाई* - बघेलखंड के प्रगति का अध्याय लिखने की जिम्मेदारी बघेलखंडी समाज की है। इस समाज एक केन्द्रीय इकाई होती है। जिसके सहयोग के लिए मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश प्रांत इकाई होती है। 

A . *मध्यप्रदेश प्रांत इकाई* - मध्यप्रदेश का पूर्वी भाग बघेलखंड समाज क्षेत्र है। 

*1. सिवनी भुक्ति* -सिवनी, आदिवासी परिवार वाहुल्य जिले का गठन वर्ष 1956 में किया गया था। जिले का नाम मुख्यालय टाउन सिवनी के अनुसार है। सिवनी नाम वेरोनाबल परिवार से संबंधित शब्द सियोना (या आर्बोरिया का गुदिना) वृक्ष से उत्पन्न हुआ, जो आमतौर पर इस क्षेत्र में पाया जाता था। इस पेड़ की लकड़ी विशेष रूप से ढोलक (ड्रम) बनाने के लिए उपयोग किया जाता था ।सिवनी जिला सतपुड़ा पठार के एक संकीर्ण, उत्तर-दक्षिण खंड पर स्थित है और अक्षांश 21°36 ′ और 22°57′ उत्तर और देशांतर 79°19 ′ और 80°17 देशांतर के बीच स्थित है। सिवनी नगर, सिवनी ग्रामीण, लखनादौन, कुरई, केवलारी, घंसौर, धनोरा, छापरा व बरघाट नामक 9 तहसीलें है जिसमें 1572 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - बालाघाट लोकसभा क्षेत्र में बरघाट व सिवनी तथा मण्डला लोकसभा क्षेत्र में केवलारी व लखनादौन नामक 4 विधानसभा क्षेत्र सिवनी जिले में है। 

*2. जबलपुर भुक्ति* - जबलपुर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। ऐतिहासिक रूप से, कालाचुरी और गोंड राजवंशों का एक केंद्र, शहर ने एक सांस्कृतिक संस्कृति विकसित की जो मुगल और मराठा शासन से प्रभावित थी। मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय, पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय और पांच राज्यों (एमपी, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बिहार और झारखंड) के सेना मुख्यालय यहां स्थित हैं। जबलपुर,  कुंडम, मझोली, पाटन, पनागर, सिहोरा, शाहपुरा, अधारताल, रांझी व गोरखपुर तहसीलें है जिसमें 1508 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* -  जबलपुर लोकसभा क्षेत्र है तथा इसमें जिले की 
पाटन, पनागर, सिहोरा, बरगी, जबलपुर, जबलपुर पूर्व, जबलपुर उत्तर व जबलपुर कैंट नामक 8 विधानसभा क्षेत्र है। 
*3. कटनी भुक्ति* -कटनी (जिसे मुड़वारा के रूप में भी जाना जाता है) मध्य प्रदेश, भारत में कटनी नदी के तट पर स्थित एक शहर है। यह कटनी जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। कटनी जंक्शन भारत के सबसे बड़े एवं महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में से एक है और यहाँ भारत का सबसे बड़ा रेल्वे यार्ड और सबसे बड़ा डीजल लोकोमोटिव शेड है। कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बडवारा बहोरीबंद, विजयराघवगढ़, ढीमरखेड़ा व बरही नामक 8 तहसीलें है। जिसमें 968 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* -  शहडोल लोकसभा क्षेत्र में बडवारा, खुजराहो लोकसभा क्षेत्र में बहोरीबंद, विजयराघवगढ़ व मुड़वारा नामक 4 विधानसभा क्षेत्र कटनी जिले में है। 

*4. सतना भुक्ति* - सतना जिले का इतिहास क्षेत्रफल के उस इतिहास का हिस्सा है, जो कि बघेलखंड के नाम से जाना जाता है। रघुराज नगर, रामनगर, कोठी, अमरपाटन, बिरसिंहपुर, मैहर, मझगवां, नागौद, रामपुर बघेलान, उचेहरा व कोटर नामक 11 तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* -  सतना लोकसभा क्षेत्र तथा चित्रकुट, रैगांव सतना, नागौद, मेहर, अमरपाटन  व रामपुर बघेलान नामक 7 विधानसभा क्षेत्र है। 

*5. पन्ना भुक्ति* - पन्ना ज़िला भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक ज़िला है। ज़िले का मुख्यालय पन्ना है। जिसे हीरों की नगरी कहते है।पन्ना, गुनौर, पवई  शाह नगर, अजय गढ़, रेपुरा, अमनगंज, देवेंद्र नगर व सिमरिया नामक 9 तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - खुजराहो लोकसभा क्षेत्र में पन्ना, गुनौर व पवई नामक तीन विधानसभा क्षेत्र पन्ना जिले के है। 

*6. मंडला भुक्ति* - मंडला जिला भारत के मध्य प्रदेश राज्य में सतपुड़ा पहाड़ियों में स्थित है। नर्मदा नदी जो मण्डला के उत्तर-पश्चिम की ओर से गुजरती है और मण्डला को तीन तरफ से घेरती है । जिले का सबसे उपजाऊ हिस्सा बंजर नदी की घाटी में पड़ता है जो नर्मदा की एक फीडर नदी है, जिले का यह उपजाऊ हिस्सा ‘हवेली’ कहलाता है। ‘हवेली’ के दक्षिणी भाग का पहाड़ी इलाका घने जंगलों से घिरा है। धान, गेहूं और तेल के बीज प्रमुख रूप से नदियों की घाटियों में पैदा होते हैं। लाख का उत्पादन, लकड़ी की कटाई, पान की खेती, पशुपालन, उत्पादन चटाई और रस्सियाँ लोगों के मुख्य रोजगार हैं। निवास, मण्डला, नारायणगंज, घुघरी, बिछिया व नैनपुर नामक 6 तहसीलें तथा 9 विकासखंड है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - मण्डला लोकसभा क्षेत्र में जिले की बिछिया, निवास व मण्डला  विधानसभा क्षेत्र है। 

*7. डिडौरी भुक्ति* - डिंडौरी मध्य भारत में स्थित मध्यप्रदेश का एक ज़िला है । डिंडौरी नगर में ज़िले का मुख्यालय स्थित है । ज़िले की स्थापना २५ मई १९९८ को ९२४ गाँवो के साथ की गयी थी।  जिले में सात विकासखण्ड है – डिण्डौरी, शहपुरा, मेंहदवानी, अमरपुर, बजाग, करंजिया एवं समनापुर। राष्ट्रीय मानव बैगा जनजाति व घुघवा जीवाश्म राष्ट्रीय उद्द्यान यहाँ का आकर्षण है। डिंडौरी जिले में तीन तहसील हैं - डिंडौरी, शहपुरा व बजाग है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - मण्डला लोकसभा क्षेत्र में जिले की डिडौरी व शहपुरा नामक 2 विधानसभा क्षेत्र है। 

*8. उमरिया भुक्ति* -जिले में व्यापक जंगल हैं। कुल क्षेत्रफल का लगभग 42% भाग केवल वनों से आच्छादित है। जिला खनिजों से समृद्ध है। जिले में पाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण खनिज कोयला है और परिणामस्वरूप जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड द्वारा 8 खदानें संचालित की जा रही हैं। जिले में प्रसिद्ध बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान (ताला) और संजय गांधी थर्मल पावर स्टेशन मंगथर (पाली) स्थित हैं। बांधवगढ़, मानपुर, पाली, चंदिया, नौरोजाबाद, करकेली व बिलासपुर नामक 7 तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - शहडोल लोकसभा क्षेत्र में जिले की बांधवगढ़ व मानपुर नामक 2 विधानसभा क्षेत्र है। 

*9. अनूपपुर भुक्ति* - जिला अनूपपुर मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है। 15 अगस्त 2003 को अनूपपुर जिले को शहडोल जिले से प्रथक कर गठन किया गया है। यह जिला 04 राजस्व अनुविभाग 04 तहसीलें, 04 जनपद पंचायतें, एवं 282 ग्राम पंचायतों से विभाजित है। जिले में 04 नगरपालिका एवं 02 नगरपंचायतें हैं।  अनूपपुर, जैतहरी, कोतमा व पुष्पराजगढ़ नामक 4 तहसीलें है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - शहडोल लोकसभा क्षेत्र में जिले की अनूपपुर, कोतमा व पुष्पराजगढ़ नामक 3 विधानसभा क्षेत्र है। 

*10. शाहडोल भुक्ति* - शहडोल का नाम मुख्यालय शहर शहडोल के नाम पर रखा गया है जो दक्षिण-पूर्वी रेलवे के बिलासपुर-कटनी खंड पर स्थित है। ब्यौहारी, जयसिंघनगर, सोहागपुर, गोहपारु, बुढार व जैतपुर नामक 6 तहसीलें है
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की सीधी लोकसभा क्षेत्र में ब्यौहारी विधानसभा तथा शहडोल  लोकसभा क्षेत्र में जयसिंघनगर व जैतपुर नामक 2 विधानसभा क्षेत्र है। जिले में कुल तीन विधानसभा क्षेत्र है। 

*11. सीधी भुक्ति* - बीरबल की जन्मस्थली एक गौरवशाली इतिहास वाला आदिवासी बाहुल्य जिला है। सीधी जिले में 7 तहसील शामिल हैं: बहरी, चुरहट, गोपद बनास, रामपुर नैकिन, मझौली, कुसमी और सिहावल। 
*राजनैतिक स्वरूप*  इस जिले में चार विधानसभा क्षेत्र हैं, चुरहट, सीधी, सिहावल और धौहनी। ये सभी सीधी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं।

*12. रीवा भुक्ति* - रीवा जिला मध्य प्रदेश के जिलों में एक जिला है, रीवा जिला, रीवा मंडल के अंतर्गत आता है और इसका मुख्यालय रीवा में है, जिले में 9 उपमंडल है, 9 ब्लॉक है, 12 तहसील है। रीवा जिले में 12 तहसीलें है हुज़ूर, रायपुर, कर्चुलियान, मऊगंज, हनुमाना, गूढ़, त्योंथर, सिरमौर, मंगवा, सेमरिया, जावा वनईगढ़ी। 
*राजनैतिक स्वरूप* -  रीवा एक लोकसभा क्षेत्र है तथा मऊगंज, गूढ़, त्योंथर, सिरमौर, मनगवां, सेमरिया, देवतलाब व रीवा नामक 8 विधानसभा क्षेत्र है। 

*B . बघेलखंड समाज (उत्तर प्रदेश)*  - बघेलखंड समाज के उत्तर प्रदेश प्रांत इकाई में तीन भुक्ति इकाइयां है। 

*1. चित्रकुट भुक्ति* - चित्रकूट भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला है। चित्रकूट धाम इसका मुख्यालय है। चित्रकूट का उल्लेख रामायण नामक महाकाव्य में महर्षि वाल्मीकि ने किया है। बघेलखंडी समाज में दो चित्रकूट है प्रथम उत्तर प्रदेश का चित्रकूट जिला तथा द्वितीय मध्यप्रदेश के सतना जिले का एक शहर चित्रकूट है, जो एक विधानसभा क्षेत्र भी है। चित्रकूटधाम कर्वी, रामनगर, मऊ, पहाड़ी और मानिकपुर नामक 5 विकासखंड तथा कर्वी, मऊ व मानिकपुर नामक तीन तहसील हैं। 
*राजनैतिक स्वरूप* - बांदा लोकसभा क्षेत्र में जिले की मानिकपुर व चित्रकूट नामक दो विधानसभा क्षेत्र है। 

*2. मंझनपुर उपभुक्ति* (कौशाम्बी भुक्ति) -  उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की एक तहसील मंझनपुर है, जो बघेलखंडी समाज के हिस्सा है। जिसमें 316 गाँव है। 
*राजनैतिक स्वरूप* - मंझनपुर एक विधानसभा क्षेत्र है। 

*3.प्रयागराज भुक्ति का हिस्सा* - इलाहाबाद नामक भुक्ति का नाम अब प्रयागराज है। उसका एक हिस्सा भी बघेलखंड समाज है।

बघेली भाषा से........ 

(1). बघेली राजपूत प्रजाति के आधार पर इस बघेली अथवा बघेलखंडी भाषा, सभ्यता एवं संस्कृति कहते है। 

(2). बघेली के अन्य नाम अथवा इसकी बोलियाँ-मन्नाड़ी, रिवाई, गंगाई, मंडल केवात व केवानी है। 

(3). बघेली की उत्पत्ति मागधी प्राकृत से बताते अर्थात संस्कृति इसकी जननी है। 

(4). नाटककार योगेश त्रिपाठी बघेली साहित्य को समृद्ध करने में सतत साधना रत हैं।
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