बर्लिन सेक्टर में समाज आंदोलन
Shri P. R. Sarkar
"Berlin Sector" (बर्लिन सेक्टर)
सामाजिक आर्थिक इकाइया
अति उत्तरी यूरोप (Arctic & Nordic Regions)
(1) Lappish — लैपिश (सबसे उत्तर - आर्कटिक क्षेत्र)
(2) Greenlandic — ग्रीनलैंडिक
(3) Icelandic — आइसलैंडिक
(4) Norwegian — नॉर्वेजियन
(5) Finnish — फिनिश
(6) Swedish — स्वीडिश
(7) Danish — डेनिश
उत्तरी और मध्य यूरोप (Northern & Central Europe)
(8) Estonian — एस्तोनियाई
(9) Latvian — लातवियाई
(10) Lithuanian — लिथुआनियाई
(11) Scottish — स्कॉटिश
(12) White Russian — व्हाइट रशियन (बेलारूसी)
(13) Russian — रूसी
(14) Irish — आयरिश
(15) English — अंग्रेजी
(16) Welsh — वेल्श
(17) Dutch — डच
(18) German — जर्मन
(19) Polish — पोलिश
(20) Flemish — फ्लेमिश
(21) Wallonian — वालोनियन
(22) Luxembourgian — लक्ज़मबर्गियन
(23) Czech — चेक
(24) Ukrainian — यूक्रेनी
(25) Slovakian — स्लोवाकियाई
मध्य एवं दक्षिण-पूर्व यूरोप (Central & South-Eastern Europe)
(26) Breton — ब्रेटन
(27) French — फ्रांसीसी
(28) Hungarian — हंगेरियन
(29) Moldaviar — मोल्दावियाई
(30) South Tirolian — साउथ टायरोलियन
(31) Romanian — रोमानियाई
(32) Venetian — वेनेटियन
(33) Georgian — जॉर्जियाई (काकेशस क्षेत्र)
(34) Armenian — अर्मेनियाई
(35) Azerbadzhanian — अज़रबैजानी
(36) Bulgarian — बल्गेरियाई
दक्षिणी यूरोप और भूमध्यसागरीय क्षेत्र (Southern Europe & Mediterranean)
(37) Galician — गैलिशियन
(38) Basque — बास्क
(39) Catalunian — कैटालोनियन
(40) Castillian — कैस्टिलियन
(41) Portuguese — पुर्तगाली
(42) Italian — इतालवी
(43) Corsican — कोर्सिकन
(44) Sardenian — सार्डिनियन
(45) Andalucian — अंडालूसी
(46) Sicilian — सिसिलियन
उत्तरी अफ्रीका (North Africa)
(47) Moroccan — मोरक्कन
(48) Algerian — अल्जीरियाई
(49) Canarian — कैनेरियन (कैनरी द्वीप समूह)
विशेष श्रेणी
(50) Gypsy — जिप्सी (संपूर्ण यूरोप में प्रवाहित)
देशवार समाज इकाइयां
1. नॉर्डिक और स्कैंडिनेवियन देश (Nordic & Scandinavia)
(1) लैपिश (Lappish): नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और रूस के उत्तरी भाग (आर्कटिक)।
(2) ग्रीनलैंडिक (Greenlandic): ग्रीनलैंड (डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र)।
(3) आइसलैंडिक (Icelandic): आइसलैंड।
(4) नॉर्वेजियन (Norwegian): नॉर्वे।
(5) फिनिश (Finnish): फिनलैंड।
(6) स्वीडिश (Swedish): स्वीडन।
(7) डेनिश (Danish): डेनमार्क।
2. बाल्टिक देश (Baltic States)
(8) एस्तोनियाई (Estonian): एस्टोनिया।
(9) लातवियाई (Latvian): लातविया।
(10) लिथुआनियाई (Lithuanian): लिथुआनिया।
3. ब्रिटिश द्वीप समूह (British Isles)
(11) स्कॉटिश (Scottish): स्कॉटलैंड (यूके)।
(14) आयरिश (Irish): आयरलैंड और उत्तरी आयरलैंड।
(15) अंग्रेजी (English): इंग्लैंड (यूके)।
(16) वेल्श (Welsh): वेल्स (यूके)।
4. पश्चिमी और मध्य यूरोप (Western & Central Europe)
(17) डच (Dutch): नीदरलैंड।
(18) जर्मन (German): जर्मनी, ऑस्ट्रिया।
(20) फ्लेमिश (Flemish): बेल्जियम (उत्तरी भाग)।
(21) वालोनियन (Wallonian): बेल्जियम (दक्षिणी भाग)।
(22) लक्ज़मबर्गियन (Luxembourgian): लक्ज़मबर्ग।
(23) चेक (Czech): चेक गणराज्य।
(25) स्लोवाकियाई (Slovakian): स्लोवाकिया।
(27) फ्रांसीसी (French): फ्रांस।
(26) ब्रेटन (Breton): फ्रांस (ब्रिटनी क्षेत्र)।
(28) हंगेरियन (Hungarian): हंगरी।
5. पूर्वी यूरोप (Eastern Europe)
(12) व्हाइट रशियन (White Russian/Belarusian): बेलारूस।
(13) रूसी (Russian): रूस।
(19) पोलिश (Polish): पोलैंड।
(24) यूक्रेनी (Ukrainian): यूक्रेन।
(29) मोल्दावियाई (Moldaviar): मोल्दोवा।
(31) रोमानियाई (Romanian): रोमानिया।
6. काकेशस क्षेत्र (Caucasus Region)
(33) जॉर्जियाई (Georgian): जॉर्जिया।
(34) अर्मेनियाई (Armenian): आर्मेनिया।
(35) अज़रबैजानी (Azerbadzhanian): अज़रबैजान।
7. दक्षिणी यूरोप और बाल्कन (Southern Europe & Balkans)
(30) साउथ टायरोलियन (South Tirolian): इटली (उत्तरी आल्प्स क्षेत्र)।
(32) वेनेटियन (Venetian): इटली (वेनिस क्षेत्र)।
(36) बल्गेरियाई (Bulgarian): बुल्गारिया।
(42) इतालवी (Italian): इटली।
(43) कोर्सिकन (Corsican): फ्रांस (कोर्सिका द्वीप)।
(44) सार्डिनियन (Sardenian): इटली (सार्डिनिया द्वीप)।
(46) सिसिलियन (Sicilian): इटली (सिसिली द्वीप)।
8. इबेरियन प्रायद्वीप (Iberian Peninsula - Spain & Portugal)
(37) गैलिशियन (Galician): स्पेन (उत्तर-पश्चिम)।
(38) बास्क (Basque): स्पेन और फ्रांस की सीमा (बास्क देश)।
(39) कैटालोनियन (Catalunian): स्पेन (कैटालोनिया क्षेत्र)।
(40) कैस्टिलियन (Castillian): स्पेन (मुख्य स्पेनिश)।
(41) पुर्तगाली (Portuguese): पुर्तगाल।
(45) अंडालूसी (Andalucian): स्पेन (दक्षिणी क्षेत्र)।
9. उत्तरी अफ्रीका और द्वीप (North Africa & Islands)
(47) मोरक्कन (Moroccan): मोरक्को।
(48) अल्जीरियाई (Algerian): अल्जीरिया।
(49) कैनेरियन (Canarian): स्पेन (कैनरी द्वीप समूह - अफ्रीका के पास)।
10. गैर-क्षेत्रीय (Non-Territorial)
(50) जिप्सी (Gypsy/Romani): यह समूह किसी एक देश तक सीमित नहीं है और पूरे यूरोप में सांस्कृतिक रूप से मौजूद है।
समाज इकाइयों की स्थिति
( उत्तर से दक्षिण का क्रम (North to South Order))
अति उत्तरी और नॉर्डिक क्षेत्र (Arctic & Nordic Regions)
* (1) लैपिश (Lappish): आर्कटिक क्षेत्र (नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, रूस) के मूल निवासी; बारहसिंगा पालन और मछली पकड़ने में निपुण।
* (2) ग्रीनलैंडिक (Greenlandic): ग्रीनलैंड के इनुइट लोग; बर्फ और समुद्र पर आधारित जीवनशैली।
* (3) आइसलैंडिक (Icelandic): आइसलैंड के निवासी; प्राचीन नॉर्स संस्कृति और मछली पालन प्रधान अर्थव्यवस्था।
* (4) नॉर्वेजियन (Norwegian): नॉर्वे के लोग; समुद्री व्यापार, फ्योर्ड्स और तेल संसाधनों के लिए प्रसिद्ध।
* (5) फिनिश (Finnish): फिनलैंड के निवासी; अद्वितीय भाषा और तकनीकी नवाचार (जैसे नोकिया) के केंद्र।
* (6) स्वीडिश (Swedish): स्वीडन के लोग; उच्च औद्योगिक विकास और सामाजिक कल्याण मॉडल के लिए विख्यात।
* (7) डेनिश (Danish): डेनमार्क के निवासी; कृषि, डेयरी उद्योग और पवन ऊर्जा में अग्रणी।
उत्तरी और मध्य यूरोप (Northern & Central Europe)
* (8) एस्तोनियाई (Estonian): एस्टोनिया के लोग; फिनिश संस्कृति से जुड़ाव और डिजिटल क्रांति के अग्रदूत।
* (9) लातवियाई (Latvian): लातविया के निवासी; बाल्टिक लोक परंपराओं और वनों पर आधारित अर्थव्यवस्था।
* (10) लिथुआनियाई (Lithuanian): लिथुआनिया के लोग; यूरोप की सबसे प्राचीन जीवित भाषाओं के संरक्षक।
* (11) स्कॉटिश (Scottish): स्कॉटलैंड (UK) के लोग; अपनी विशिष्ट पहचान, हाईलैंड्स और व्हिस्की उद्योग के लिए प्रसिद्ध।
* (12) व्हाइट रशियन (Belarusian): बेलारूस के निवासी; स्लाविक संस्कृति और कृषि-औद्योगिक अर्थव्यवस्था।
* (13) रूसी (Russian): रूस के लोग; विशाल क्षेत्र, समृद्ध साहित्य, विज्ञान और अंतरिक्ष शक्ति।
* (14) आयरिश (Irish): आयरलैंड के निवासी; केल्टिक संस्कृति, संगीत और संघर्षशील इतिहास के धनी।
* (15) अंग्रेजी (English): इंग्लैंड के लोग; अंग्रेजी भाषा और औद्योगिक क्रांति के जनक।
* (16) वेल्श (Welsh): वेल्स (UK) के निवासी; अपनी अलग केल्टिक भाषा और गायन परंपरा के लिए प्रसिद्ध।
* (17) डच (Dutch): नीदरलैंड के लोग; जल प्रबंधन, फूलों की खेती और समुद्री व्यापार में माहिर।
* (18) जर्मन (German): जर्मनी के निवासी; दुनिया की अग्रणी इंजीनियरिंग और दार्शनिक सोच के केंद्र।
* (19) पोलिश (Polish): पोलैंड के लोग; मजबूत कैथोलिक परंपरा और इस्पात/कोयला उद्योग।
* (20) फ्लेमिश (Flemish): उत्तरी बेल्जियम के डच भाषी लोग; व्यापार और मध्यकालीन कला के केंद्र।
* (21) वालोनियन (Wallonian): दक्षिणी बेल्जियम के फ्रांसीसी भाषी लोग; औद्योगिक क्रांति का ऐतिहासिक केंद्र।
* (22) लक्ज़मबर्गियन (Luxembourgian): लक्ज़मबर्ग के लोग; बैंकिंग और वैश्विक वित्त का छोटा लेकिन समृद्ध केंद्र।
* (23) चेक (Czech): चेक गणराज्य के लोग; मध्य यूरोप की कला, वास्तुकला और बीयर संस्कृति।
* (24) यूक्रेनी (Ukrainian): यूक्रेन के निवासी; अपनी उपजाऊ काली मिट्टी (Breadbasket) और ऊर्जा संसाधनों के लिए प्रसिद्ध।
* (25) स्लोवाकियाई (Slovakian): स्लोवाकिया के लोग; डैन्यूब नदी और पहाड़ी कृषि आधारित समाज।
मध्य एवं दक्षिण-पूर्व यूरोप (Central & South-Eastern Europe)
* (26) ब्रेटन (Breton): फ्रांस के ब्रिटनी क्षेत्र के लोग; केल्टिक जड़ें और समुद्री संस्कृति।
* (27) फ्रांसीसी (French): फ्रांस के निवासी; वैश्विक फैशन, भोजन, कला और लोकतंत्र के विचारों का केंद्र।
* (28) हंगेरियन (Hungarian): हंगरी के लोग; मग्यार संस्कृति और अद्वितीय भाषाई पहचान।
* (29) मोल्दावियाई (Moldavian): मोल्दोवा के लोग; अंगूर की खेती और वाइन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध।
* (30) साउथ टायरोलियन (South Tirolian): उत्तरी इटली (आल्प्स) के लोग; जर्मन संस्कृति और पहाड़ी पर्यटन।
* (31) रोमानियाई (Romanian): रोमानिया के निवासी; लैटिन मूल की भाषा और समृद्ध लोक परंपराएं।
* (32) वेनेटियन (Venetian): इटली के वेनिस क्षेत्र के लोग; नहरों, व्यापार और पुनर्जागरण कला के केंद्र।
* (33) जॉर्जियाई (Georgian): जॉर्जिया (काकेशस) के लोग; अपनी प्राचीन वाइन संस्कृति और अद्वितीय लिपि।
* (34) अर्मेनियाई (Armenian): आर्मेनिया के निवासी; प्राचीन ईसाई विरासत और व्यापारिक बुद्धिमत्ता।
* (35) अज़रबैजानी (Azerbadzhanian): अज़रबैजान के लोग; तेल संसाधन और पूर्व-पश्चिम संस्कृति का मिलन।
* (36) बल्गेरियाई (Bulgarian): बुल्गारिया के लोग; गुलाब के तेल के उत्पादन और सिरिलिक लिपि का जन्मस्थान।
दक्षिणी यूरोप और भूमध्यसागरीय क्षेत्र (Southern Europe & Mediterranean)
* (37) गैलिशियन (Galician): स्पेन (उत्तर-पश्चिम) के लोग; केल्टिक प्रभाव और मछली पालन आधारित जीवन।
* (38) बास्क (Basque): स्पेन-फ्रांस सीमा के लोग; यूरोप की सबसे अनोखी और रहस्यमयी भाषा 'युस्कारा'।
* (39) कैटालोनियन (Catalunian): बार्सिलोना के आसपास के लोग; उच्च औद्योगिक और सांस्कृतिक चेतना।
* (40) कैस्टिलियन (Castillian): मध्य स्पेन के लोग; आधुनिक स्पेनिश भाषा और राजनीति का केंद्र।
* (41) पुर्तगाली (Portuguese): पुर्तगाल के निवासी; महान नाविकों का इतिहास और समुद्री अर्थव्यवस्था।
* (42) इतालवी (Italian): इटली के लोग; रोमन साम्राज्य की विरासत, फैशन और ऑटोमोबाइल उद्योग।
* (43) कोर्सिकन (Corsican): कोर्सिका द्वीप (फ्रांस) के लोग; स्वतंत्र प्रकृति और नेपोलियन की जन्मस्थली।
* (44) सार्डिनियन (Sardenian): सार्डिनिया द्वीप (इटली) के लोग; भेड़ पालन और प्राचीन नूराजिक सभ्यता।
* (45) अंडालूसी (Andalucian): दक्षिणी स्पेन के लोग; इस्लामिक और ईसाई कला का संगम (फ्लेमेंको)।
* (46) सिसिलियन (Sicilian): सिसिली द्वीप (इटली) के लोग; भूमध्यसागरीय कृषि और विविध सांस्कृतिक इतिहास।
उत्तरी अफ्रीका (North Africa - Berlin Sector)
* (47) मोरक्कन (Moroccan): मोरक्को के लोग; बर्बर-अरब संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन।
* (48) अल्जीरियाई (Algerian): अल्जीरिया के निवासी; प्राकृतिक गैस, तेल और भूमध्यसागरीय कृषि।
* (49) कैनेरियन (Canarian): कैनरी द्वीप समूह के निवासी; ज्वालामुखी द्वीप, पर्यटन और विशेष पारिस्थितिकी।
विशेष श्रेणी
* (50) जिप्सी (Gypsy/Romani): पूरे यूरोप में फैले घुमंतू समाज; संगीत, कला और अपनी स्वतंत्र जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध।
प्रउत (PROUT) के विकेंद्रीकृत अर्थव्यवस्था (Decentralized Economy) सिद्धांत के अनुसार, प्रत्येक सामाजिक-आर्थिक इकाई (Samaj) को अपनी स्थानीय कच्ची सामग्री, श्रम और आवश्यकताओं के आधार पर आत्मनिर्भर होना चाहिए। आओ बर्लिन सेक्टर पर उस संभावना को खोजते है। एक सात्विक रिपोर्ट तैयार करते हैं।
प्रउत अर्थव्यवस्था पर आधारित एक योजना रिपोर्ट
1. अति उत्तरी और नॉर्डिक क्षेत्र (शीत प्रधान अर्थव्यवस्था)
* (1) लैपिश: बेरी और हर्बल प्रोसेसिंग यूनिट – आर्कटिक ब्लूबेरी और जड़ी-बूटियों से सात्विक अर्क और औषधियाँ बनाना।
* (2) ग्रीनलैंडिक: समुद्री शैवाल (Seaweed) खेती – उच्च प्रोटीन युक्त शाकाहारी समुद्री भोजन और सप्लीमेंट्स का उत्पादन।
* (3) आइसलैंडिक: ग्रीनहाउस हाइड्रोपोनिक्स – भू-तापीय (Geothermal) ऊर्जा का उपयोग कर साल भर ताजी सब्जियाँ उगाना।
* (4) नॉर्वेजियन: ओट्स (Jau) मिल्क प्लांट – स्थानीय ओट्स से डेयरी-मुक्त सात्विक दूध और दही का निर्माण।
* (5) फिनिश: जंगली मशरूम संवर्धन – औषधीय मशरूम की खेती और निर्यात।
* (6) Swedish: राई (Rye) ब्रेड बेकरी – पारंपरिक सात्विक और साबुत अनाज के बेकरी उत्पाद।
* (7) डेनिश: प्लांट-बेस्ड मीट विकल्प – स्थानीय मटर और सोया से शाकाहारी 'मीट' तैयार करना।
2. उत्तरी और मध्य यूरोप (कृषि एवं तकनीक)
* (8) एस्तोनियाई: डिजिटल एग्रो-प्लेटफॉर्म – किसानों के लिए सात्विक उत्पादों की सीधी बिक्री हेतु सहकारी सॉफ्टवेयर।
* (9) लातवियाई: शहद और मधुमक्खी उत्पाद – जंगलों में प्राकृतिक शहद और मोम का उत्पादन।
* (10) लिथुआनियाई: सन (Flax) फाइबर टेक्सटाइल – सात्विक जीवनशैली के लिए प्राकृतिक लिनेन के कपड़े।
* (11) स्कॉटिश: जौ (Barley) आधारित पेय – गैर-मादक सात्विक जौ का शरबत और माल्ट ड्रिंक्स।
* (12) व्हाइट रशियन: आलू स्टार्च उद्योग – आलू से जैव-प्लास्टिक और खाद्य उत्पाद।
* (13) रूसी: सनफ्लावर ऑयल मिल – बड़े पैमाने पर शुद्ध और कोल्ड-प्रेस्ड सूरजमुखी तेल का उत्पादन।
* (14) आयरिश: समुद्री नमक और खनिज – भोजन के लिए शुद्ध प्राकृतिक नमक का शोधन।
* (15) अंग्रेजी: सेब के बाग और जूस प्लांट – ताजे सेबों से बिना प्रिजर्वेटिव वाला जूस और जैम।
* (16) वेल्श: पहाड़ी जड़ी-बूटी चाय – स्थानीय औषधीय पौधों से हर्बल टी बैग्स बनाना।
* (17) डच: पुष्प और बीज केंद्र – सात्विक सौंदर्य प्रसाधनों के लिए फूलों का अर्क निकालना।
* (18) जर्मन: अनाज चक्की सहकारी समिति – विभिन्न प्रकार के साबुत अनाज का आटा और दलिया।
* (19) पोलिश: बेरी जैम और मुरब्बा – स्थानीय स्ट्रॉबेरी और रसभरी का प्रसंस्करण।
* (20) फ्लेमिश: चॉकलेट (बिना अंडे की) – डार्क चॉकलेट और कोको आधारित सात्विक कन्फेक्शनरी।
* (21) वालोनियन: खनिज जल बॉटलिंग – प्राकृतिक स्रोतों के शुद्ध पानी का वितरण।
* (22) लक्ज़मबर्गियन: वर्टिकल फार्मिंग – शहरी क्षेत्रों में कम जगह में सब्जियाँ उगाना।
* (23) चेक: हॉप्स (Hops) आधारित दवाएं – शांति और अनिद्रा के लिए प्राकृतिक औषधियाँ।
* (24) यूक्रेनी: गेहूं और मक्का मिलिंग – विशाल स्तर पर पास्ता और सात्विक मैदा रहित उत्पाद।
* (25) स्लोवाकियाई: अखरोट और ड्राई फ्रूट पैकेजिंग – स्थानीय मेवों का प्रसंस्करण।
3. मध्य एवं दक्षिण-पूर्व यूरोप (विविध कृषि)
* (26) ब्रेटन: एक प्रकार का अनाज (Buckwheat) उत्पादन – 'कुट्टू' के आटे से बने सात्विक व्यंजन।
* (27) फ्रांसीसी: अंगूर जूस और सिरका – बिना अल्कोहल वाली सात्विक वाइन और विनेगर।
* (28) हंगेरियन: लाल मिर्च (Paprika) मसाला उद्योग – शुद्ध मिर्च पाउडर और पेस्ट।
* (29) मोल्दावियाई: अखरोट तेल प्लांट – खाना पकाने और मालिश के लिए अखरोट का तेल।
* (30) साउथ टायरोलियन: सेब चिप्स और सुखाए हुए फल – स्वस्थ स्नैक्स का निर्माण।
* (31) रोमानियाई: मक्का (Corn) आधारित दलिया – पारंपरिक 'ममालुगा' सात्विक आहार का निर्यात।
* (32) वेनेटियन: कांच और प्राकृतिक राल कला – सात्विक हस्तशिल्प उद्योग।
* (33) जॉर्जियाई: अनार और अंगूर की चाशनी – ताजे फलों का सात्विक गाढ़ा शरबत।
* (34) अर्मेनियाई: खुबानी (Apricot) सुखाना – उच्च गुणवत्ता वाले सूखे मेवे।
* (35) अज़रबैजानी: केसर (Saffron) की खेती – दुनिया के सबसे महंगे मसाले का उत्पादन।
* (36) बल्गेरियाई: गुलाब जल और इत्र – सात्विक सुगंध और औषधीय उपयोग।
4. दक्षिणी यूरोप (भूमध्यसागरीय - फल एवं तेल)
* (37) गैलिशियन: चेस्टनट प्रसंस्करण – चेस्टनट का आटा और स्नैक्स।
* (38) बास्क: जैविक सब्जी खेती – उच्च मूल्य वाली ताजी सब्जियाँ।
* (39) कैटालोनियन: बादाम और हेज़लनट फार्म – नट-मिल्क और सात्विक बटर।
* (40) कैस्टिलियन: दाल और फलियां – शाकाहारी प्रोटीन के स्रोत के रूप में दालों का उत्पादन।
* (41) पुर्तगाली: कॉर्क और प्राकृतिक राल – पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद।
* (42) इतालवी: टमाटर प्रसंस्करण इकाई – शुद्ध टमाटर प्यूरी और सुखाए हुए टमाटर।
* (43) कोर्सिकन: शहद और चेस्टनट उत्पाद – पहाड़ी सात्विक खाद्य पदार्थ।
* (44) सार्डिनियन: भेड़ के दूध का शाकाहारी विकल्प – बादाम और काजू से बने पनीर (Vegan Cheese)।
* (45) अंडालूसी: जैतून तेल (Olive Oil) – एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून तेल की सहकारी मिल।
* (46) सिसिलियन: खट्टे फल (Lemon/Orange) उद्योग – विटामिन-C सप्लीमेंट्स और जूस।
5. उत्तरी अफ्रीका और विशेष
* (47) मोरक्कन: खजूर और आर्गन तेल – औषधीय तेल और ऊर्जा युक्त खजूर।
* (48) अल्जीरियाई: कुसकुस (Couscous) निर्माण – सात्विक सूजी आधारित आहार।
* (49) कैनेरियन: एलोवेरा और केला प्रसंस्करण – प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधन और चिप्स।
* (50) जिप्सी: हस्तशिल्प और सात्विक संगीत अकादमी – सांस्कृतिक पर्यटन और हाथ से बनी वस्तुओं की बिक्री।
प्रउत (PROUT) के अनुसार, किसी भी सामाजिक-आर्थिक इकाई (Samaj) की सफलता का मुख्य आधार सहकारिता (Cooperatives) है। श्री पी.आर. सरकार ने कहा था कि "सहकारिता ही जीने का एकमात्र रास्ता है।"
यूरोप और उत्तरी अफ्रीका की इन 50 इकाइयों के लिए प्रउत का सहकारी मॉडल निम्नलिखित चार चरणों पर आधारित होगा, जो इन्हें पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाएगा:
1. त्रि-स्तरीय सहकारी संरचना (Three-Tier Structure)
प्रत्येक इकाई (जैसे सिसिलियन या जर्मन समाज) में व्यापार को तीन स्तरों पर विभाजित किया जाएगा:
* उत्पादक सहकारिता (Producer Cooperatives): किसान और कच्चे माल के उत्पादक (जैसे जैतून उगाने वाले या अनाज पैदा करने वाले) मिलकर सहकारी समितियाँ बनाएंगे। वे सीधे अपनी उपज को प्रसंस्करण इकाइयों को बेचेंगे, जिससे बिचौलिये खत्म होंगे।
* उपभोक्ता सहकारिता (Consumer Cooperatives): स्थानीय लोग अपनी दैनिक जरूरतों (भोजन, वस्त्र) के लिए सहकारी स्टोर चलाएंगे। इससे लाभ का वितरण वापस समाज के सदस्यों में होगा।
* सेवा सहकारिता (Service Cooperatives): बैंकिंग, परिवहन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहकारिता। उदाहरण के लिए, आइसलैंडिक समाज में भू-तापीय ऊर्जा का प्रबंधन स्थानीय सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।
2. विकेंद्रीकृत नियोजन (Decentralized Planning)
प्रउत के तहत, योजना ऊपर से नीचे (Top-down) नहीं, बल्कि नीचे से ऊपर (Bottom-up) बनाई जाएगी:
* कच्चे माल का स्थानीय प्रसंस्करण: जैसा कि पिछले उत्तर में बताया गया, 'यूक्रेनी समाज' केवल गेहूं का निर्यात नहीं करेगा, बल्कि सहकारी मिलों में उसे पास्ता और आटे में बदलकर "मूल्य संवर्धित उत्पाद" (Value-added products) बेचेगा। इससे पैसा समाज के अंदर ही रहेगा।
* स्थानीय मुद्रा/विनिमय: इकाइयों के बीच व्यापार के लिए ऐसी व्यवस्था होगी जहाँ स्थानीय श्रम और वस्तुओं को प्राथमिकता दी जाए।
3. 'समाज' (Samaj) की आत्मनिर्भरता के पाँच न्यूनतम लक्ष्य
सहकारी समितियों का मुख्य उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि इकाई के प्रत्येक सदस्य को ये 5 उपलब्ध हों:
* अन्न (Food): सात्विक और पर्याप्त भोजन।
* वस्त्र (Clothing): स्थानीय रेशों (जैसे लिथुआनियाई सन/Flax) से बने कपड़े।
* आवास (Housing): स्थानीय सामग्री से बने घर।
* चिकित्सा (Medical Care): स्थानीय जड़ी-बूटियों और आधुनिक तकनीकों का संगम।
* शिक्षा (Education): ऐसी शिक्षा जो नैतिक मूल्यों और प्रउतवादी चेतना पर आधारित हो।
4. इकाइयों के बीच संतुलित व्यापार (Balanced Trade)
प्रउत यह नहीं कहता कि इकाइयाँ अलग-थलग रहें, बल्कि वे सह-अस्तित्व में रहेंगी:
* अधिशेष का आदान-प्रदान (Barter of Surplus): यदि 'अंडालूसी समाज' के पास अतिरिक्त जैतून का तेल है और 'स्कॉटिश समाज' के पास अतिरिक्त जौ (Barley) है, तो सहकारी समितियाँ उचित दरों पर इनका विनिमय करेंगी।
* तकनीकी साझाकरण: 'जर्मन समाज' अपनी इंजीनियरिंग तकनीक 'मोरक्कन समाज' के साथ साझा करेगा ताकि वहां सौर ऊर्जा सहकारी समितियाँ विकसित हो सकें।
निष्कर्ष: सात्विक और शोषणमुक्त समाज
यह सहकारी मॉडल इन 50 इकाइयों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के चंगुल से मुक्त करेगा। जब 'पूँजी' स्थानीय लोगों के हाथ में होगी और उत्पादन 'उपभोग' के लिए होगा (मुनाफे के लिए नहीं), तो एक शोषणमुक्त और समृद्ध समाज का निर्माण होगा।
प्रउत (PROUT) के सिद्धांतों के आधार पर, यहाँ 'रूसी समाज' (Russian Samaja) के लिए एक विस्तृत ब्लॉक-स्तरीय विकेंद्रीकृत आर्थिक योजना का खाका प्रस्तुत है। यह योजना पूरी तरह से स्थानीय संसाधनों के उपयोग और सहकारिता पर टिकी है।
एक उदाहरण
रूसी समाज :
सहकारी ब्लॉक-स्तरीय योजना
1. प्राथमिक उत्पादन: कृषि और कच्ची सामग्री (उत्पादक सहकारिता)
रूस के विशाल स्टेपीज़ और उपजाऊ भूमि का उपयोग करते हुए, ब्लॉक स्तर पर सूरजमुखी और अनाज उत्पादन सहकारी समितियों का गठन होगा।
सात्विक लक्ष्य: रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद का उपयोग कर सात्विक फसलों (सूरजमुखी, गेहूं, जौ) का उत्पादन।
सहकारी क्रियान्वयन: किसान अपनी भूमि का स्वामित्व रखते हुए संसाधनों (ट्रैक्टर, बीज) को साझा करेंगे। उपज का मूल्य स्थानीय बोर्ड द्वारा तय होगा ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिले।
2. द्वितीयक स्तर: स्थानीय प्रसंस्करण (औद्योगिक सहकारिता)
कच्चे माल को ब्लॉक से बाहर भेजने के बजाय, वहीं पर प्रसंस्करण इकाइयाँ लगाई जाएँगी।
सूरजमुखी तेल मिल: स्थानीय स्तर पर कोल्ड-प्रेस्ड (घानी) तेल निकालने के कारखाने, जिनका प्रबंधन सहकारी समिति करेगी।
अनाज प्रसंस्करण: गेहूं से सूजी, दलिया और सात्विक ब्रेड बनाने की इकाइयाँ। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और "मूल्य-वर्धन" (Value Addition) का लाभ उसी क्षेत्र को मिलेगा।
3. तृतीयक स्तर: वितरण और विनिमय (उपभोक्ता सहकारिता)
तैयार उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाने की व्यवस्था।
सहकारी राशन स्टोर: यहाँ बिचौलियों का कोई स्थान नहीं होगा। तेल, आटा और अन्य सात्विक उत्पाद सीधे उपभोक्ता सहकारी स्टोर पर उपलब्ध होंगे।
अधिशेष का प्रबंधन: यदि ब्लॉक में तेल का उत्पादन जरूरत से ज्यादा है, तो इसे अन्य कमी वाले ब्लॉकों (जैसे नॉर्डिक क्षेत्र के समाज) को भेजा जाएगा।
4. वित्तीय आत्मनिर्भरता: सहकारी बैंकिंग
रूसी समाज के धन को बाहरी पूँजीपतियों के बैंकों में जमा करने के बजाय स्थानीय सहकारी बैंकों में रखा जाएगा।
पूँजी का चक्र: यह बैंक स्थानीय उद्योगों के लिए कम ब्याज पर ऋण देगा। बैंक का मुनाफ़ा समाज के विकास (शिक्षा, स्वास्थ्य) में वापस निवेश किया जाएगा।
5. सामाजिक सुरक्षा: न्यूनतम आवश्यकताओं की गारंटी
इस बजट का एक हिस्सा प्रत्येक नागरिक की बुनियादी जरूरतों के लिए आरक्षित होगा।
सात्विक जीवन स्तर: सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक व्यक्ति को न्यूनतम पौष्टिक आहार, सात्विक वस्त्र और सर्दियों के अनुकूल आवास प्राप्त हो।
निष्कर्ष
यह योजना रूसी समाज को केवल कच्चा माल निर्यातक देश से बदलकर एक आत्मनिर्भर औद्योगिक समाज में बदल देगी। यहाँ उत्पादन का लाभ विदेशी निवेशकों के पास जाने के बजाय स्थानीय श्रमिकों और उपभोक्ताओं के पास रहेगा।