हमारा विदर्भ समाज
विदर्भ महाराष्ट्र प्रांत की एक जनगोष्ठी है। है। जिसमें में महाराष्ट्र के कुल 11 जिले है। महाराष्ट्र में कोयला खदान और मूल्यवान मैगज़ीन कि खदाने विदर्भ में ही बहुतायत में पाये जाते हैं। कोयला खदानो कि वजह से ही विदर्भ में खापरखेडा, कोराडी, चंद्रपूर, मौदा और तिरोडा में औष्णिक विद्युत निर्माण संयंत्र पाये जाते हैं जिससे संपुर्ण महाराष्ट्र को विद्युत आपूर्ती में की जाती है। महाराष्ट्र कि ज्यादातर वनसंपदा विदर्भ क्षेत्र में ही मौजूद है। इसके अलावा चावल उत्पादन में तुमसर मंडी विदर्भ में ही है जो महाराष्ट्र में सबसे बड़ी कृषी उत्पाद कि मंडी का सम्मान पाती है। प्रसिद्ध बासमती चावल का उत्पादन भी इसी क्षेत्र में होता है। महाराष्ट्र के कुल सिमेंट कारखानो में सर्वाधिक कारखाने अकेले चंद्रपूर जिले में है। विदर्भ सन 1956 तक मध्यप्रदेश प्रांत का एक क्षेत्र हुआ करता था।
*इतिहास की एक बात* - 11 वीं शताब्दी में विदर्भ , धार के सम्राट भोज परमार के अधिन मालवा साम्राज्य का अंग था। इसलिये भोज को विदर्भराज कहाँ जाता था। भोज परमार के बाद भी विदर्भ पर भोज वंशीयो का राज्य रहा। धार से विदर्भ में पंवारों का आना हुआ जिन्हें पोवार कहाँ जाता है।
विदर्भ, महाराष्ट्र राज्य का उत्तर पूर्वी प्रादेशिक क्षेत्र है, इस क्षेत्र के अंतर्गत नागपुर और अमरावती दो डिवीजन है जिनके अंतर्गत महाराष्ट्र के नागपुर, अमरावती, चंद्रपुर, अकोला, वर्धा, बुलढाना, यवतमाल, भंडारा, गोंदिया, वाशिम, गढ़चिरौली जिले आते हैं।
*विदर्भ समाज की संरचना*
*A. अमरावती मंडल( पश्चिमी विदर्भ)*
*1. बुलढाणा भुक्ति* - बुलढाणा ज़िला महाराष्ट्र राज्य का एक ज़िला है। प्रसिद्ध लोनार झील इसी ज़िले में स्थित है। बुलढाणा जिले में 13 तहसीलें हैं। घाटी के ऊपर बुलढाणा, चिखली, मोताला, देऊलगांवराजा, मेहकर, लोणार व सिंदखेडराजा नामक 7 तहसीलें हैं तथा घाटी के नीचे खामगांव, मलकापुर, शेगांव, नांदुरा, जलगांव जामोद व संग्रामपुर नामक 6 तहसील है।
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की बुलढाणा, चिखली, मेहकर, जलगांव, खामगांव व सिंदखेडराजा नामक 6 विधानसभा क्षेत्र बुलढाणा लोकसभा क्षेत्र में तथा मल्कापुर नामक विधानसभा क्षेत्र रावेर लोकसभा क्षेत्र में है।
*2. वाशिम भुक्ति* -वाशिम पहले वत्सगुल्म कहलाता था और वाकाटक की राजधानी था। वाकाटक राजाओं ने तीसरी सदी के मध्य से छठी सदी तक शासन किया था। मालेगाँव , मंगरुलपिर, करंजा , मनोरा , वाशिम और रिसोड नामक 6 तहसीलें है।
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की वाशिम व करंज विधानसभा क्षेत्र वाशिम यवतमाल लोकसभा क्षेत्र तथा रिसोड अकोला लोकसभा क्षेत्र में है।
*3. अमरावती भुक्ति* - अमरावती जिले में प्रशासनिक विभाजन तालुके जिनको तहसील कहते है, ये जिले में 14 है, अमरावती, भातुकली, नंदगाँव, अंजनगांव, दर्यापुर, भर्ती, वरुद अचलपुर, चांदुर बाजार, धारणी, चिखलदरा, चांदूर (रेलवे), तिओसा और धामणगांव।
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की बडनेरा, अमरावती, तेओसा, दर्यापुर, मेलघाट, अचलपुर व मोर्शियो नामक 7 विधानसभा क्षेत्र अमरावती लोकसभा क्षेत्र में है तथा धमनगांव रेलवे नामक विधानसभा क्षेत्र वर्धा लोकसभा क्षेत्र में है।
*4. अकोला भुक्ति* - अकोला मुरना नदी के किनारे स्थित है। अकोला ज़िले के कातेपुर्णा अभयारण्य में दुर्लभ चौसिंगा हिरन पाए जाते हैं। अकोला जिले में प्रशासनिक विभाजन तालुके जिनको तहसील कहते है, ये जिले में 7 है, अकोट, तेलहारा, अकोला, बालापुर, पटूर, बरशीतकली और मुर्तजापुर।
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की अकोट, बालापुर, अकोला ईस्ट, अकोला वेस्ट व मुर्तिजापुर नामक पांचों विधानसभा क्षेत्र अकोला लोकसभा क्षेत्र में है।
*5. यवतमाल भुक्ति* - यवतमाल जिले में प्रशासनिक विभाजन तालुके जिनको तहसील कहते है, ये जिले में 16 है जिनके नाम यवतमाल, बाभूळगाव, आर्णी, दारव्हा, नेर, पुसद, दिग्रस, उमरखेड, महागाव, केळापूर, झरीजामणी, घाटंजी, राळेगाव, कळंब, वणी, मारेगाव है और जिले में 7 उपमंडल भी है यवतमाल, दारव्हा, पुसद, उमरखेड, केळापूर, राळेगाव, वणी।
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की रालेगांव, यवतमाली, डिग्रास व पुसाडी नामक 5 विधानसभा क्षेत्र यवतमाल वाशिम लोकसभा क्षेत्र में, वानी व अर्नी विधानसभा क्षेत्र चन्द्रपुर लोकसभा क्षेत्र में तथा उमरखेड नामक विधानसभा क्षेत्र हिंगोली लोकसभा क्षेत्र में है।
*B. नागपुर मंडल ( पूर्वी विदर्भ)*
*6.चन्द्रपुर भुक्ति* - चंद्रपुर जिले में प्रशासनिक विभाजन तालुके जिनको तहसील कहते है, ये जिले में 15 है और जिले में 8 उपमंडल भी है - चंद्रपूर, बल्लारपूर, मुल, सावली, गोंडपिपरी, पोम्भूर्णा, वरोरा, भद्रावती, चिमुर सिंदेवाही, राजुरा, कोरपना, जिवती, ब्रम्हपुरी व नागभीड नामक 15 तहसीलें तथा चंद्रपूर, बल्लारपूर, मुल, गोंडपिपरी, वरोरा, चिमुर, राजुरा व ब्रम्हपुरी नामक आठ उपमंडल है।
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की राजुरा, चन्द्रपुर, बल्लारपुर व वरोरा नामक 4 विधानसभा क्षेत्र चन्द्रपुर लोकसभा क्षेत्र में तथा ब्रह्मपुरी व चिमुरा नामक विधानसभा क्षेत्र गढ़चिरौली चिमुर लोकसभा क्षेत्र में है।
*7. वर्धा भुक्ति* - वर्तमान में वर्धा प्रमुख रूप से कपास व्यापार के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है और इतिहास में गाँधी युग के कारण महत्वपूर्ण है। इतिहास में वर्धा का एक महत्वपूर्ण स्थान है। वर्धा जिले में प्रशासनिक विभाजन तालुके जिनको तहसील कहते है, ये जिले में 8 है - वर्धा, डोली, सेलू, अरवी अष्टि, कारंजा, हिंगणघाट व समुद्रपुर है और जिले में 3 उपमंडल भी है वर्धा, आर्वी, हिंगणघाट।
*राजनैतिक स्वरूप* जिले की अरवी, देवोली, हिंगणघाट व वर्धा नामक चारों विधानसभा क्षेत्र वर्धा लोकसभा क्षेत्र में है।
*8. नागपुर भुक्ति* - संतरे की राजधानी के रूप में विख्यात नागपुर महाराष्ट्र का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। इस शहर से बहने वाली नाग नदी के कारण इसका नाम नागपुर पड़ा। नागपुर जिले में प्रशासनिक विभाजन तालुके जिनको तहसील कहते है, ये जिले में 13 है जिनके नाम नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण, हिंगणा, कामठी, मोंदा, उमरेड, भिवापूर, कुही, रामटेक, परशिवानी, सावनेर, कमलेश्वर, काटोल और नरखेड़ है और जिले में 6 उपमंडल है जिनके नाम नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण, उमरेड, रामटेक, मौदा, सावनेर, और काटोल
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की काटोली, सावनेर, हिंगना, उमरेड, कामथी व रामटेक नामक 6 विधानसभा क्षेत्र रामटेक लोकसभा क्षेत्र में तथा नागपुर दक्षिण पश्चिम, नागपुर पूर्व, नागपुर दक्षिण, नागपुर मध्य, नागपुर पश्चिम नामक व नागपुर उत्तर नामक 6 विधानसभा क्षेत्र नागपुर लोकसभा क्षेत्र में है।
*9. भंडारा भुक्ति* - भंडारा शहर को एक बड़े पीतल उत्पाद उद्योग की उपस्थिति के कारण "ब्रास सिटी" के रूप में भी जाना जाता है। भंडारा के कई पर्यटन स्थल हैं, जैसे ब्राह्मी , और दिघोरी .Wikipedia site:wikicareer.in भंडारा जिले में प्रशासनिक विभाजन तालुके जिनको तहसील कहते है, ये जिले में 7 है, भंडारा, तुमसर, पौनी, मोहदी, साकोली, लखनी व लखंडुर। जिले में 2 उपमंडल भी है, भंडारा और साकोली ।
*राजनैतिक स्वरूप* - तुमसारी, भंडार: व साकोली नामक तीनो विधानसभा क्षेत्र भंडारा गोंदिया लोकसभा क्षेत्र में है।
*10. गोंदिया भुक्ति* - गोंदिया में चावल मिलो की अधिकता होने के कारण इसे महाराष्ट्र का चावलों का शहर भी कहा जाता है। गोंदिया जिला महाराष्ट्र राज्य के उत्तर-पूर्वी भाग के साथ स्थित है। प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए जिले को दो उपखंडों में बांटा गया है, जिनका नाम गोंदिया और देवरी है, जिन्हें आगे 8 तालुकों में विभाजित किया गया है - गोंदिया, तिरोदा, गोरेगांव, देवरी, आमगाँव, सालेकास, अर्जुनी मोरगाँव, सड़क अर्जुनी ।
*राजनैतिक स्वरूप* - जिले की अर्जुनी मोरेगांव, तिरोरा, गोंदिया नामक 3 विधानसभा क्षेत्र भंडारा गोंदिया लोकसभा क्षेत्र में तथा आमगाँव विधानसभा क्षेत्र गढ़चिरौली चिमुर लोकसभा क्षेत्र में है।
*11. गडचिरोली भुक्ति* - गढ़चिरौली, अरमोरी , चमोर्शी , मूलचेरा ,अहेरी तालुका
अहेरी, सिरोंचा, इटापल्ली , भमरागड, देशैगंज, धानोरा, कुर्खेडा व कोर्ची नामक 12 तहसीलें है।
*राजनैतिक भुक्ति* - कवच, अहेरी व गडचिरोली नामक तीनों विधानसभा क्षेत्र गढ़चिरौली चिमुर लोकसभा क्षेत्र में है।
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