हमारा समाज आंदोलन - 08 (विश्व भारतवर्ष)

हमारे पास महाविश्व एवं विश्व सरकार नामक दो योजनाएं है। महाविश्व की अभिकल्पना का एक अंश विश्व सरकार है। समाज आंदोलन लक्ष्यों की ओर बढ़ना चाहता है। हम भारतवर्ष के धरातल पर समाज आंदोलन की यात्रा कर रहे हैं। हमने संपूर्ण भारतवर्ष में भ्रमण करते हुए, हमारे पडौसी देशों के प्रति सहयोगात्मक योजना पर भी मंथन किया। यह अनुभव बताता है कि विश्व भारतवर्ष की एक अभिकल्पना का निर्माण करना। यद्यपि प्रउत आधारित समाज आंदोलन के शब्दकोष में भारतीय, अखिल भारतीय अथवा विश्व भारत शब्द नहीं मिलते है लेकिन आपेक्षिक जगत के साथ सामंजस्य बिठाकर चलने में इन शब्दावली का उपयोग किया गया है। विश्व भारतवर्ष शब्द का अर्थ प्रभात साहित्य में विद्यमान भारतवर्ष शब्द का अर्थ चरितार्थ करने वाली धरा का निर्माण करना है। विश्व सरकार एवं महाविश्व निर्माण की पूर्वावस्था कहा जा सकता है। भारतीय समाज आंदोलन से भारतवर्ष तथा अखिल भारतीय समाज आंदोलन से भारत के पडौसी सर्वजन सुख व हित में प्रतिष्ठित हो जाने पर भी विश्व धरा को सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय बनाने की सोच ही विश्व भारत है। भारतीय समाज आंदोलन की एक टीम विश्व के सभी सेक्टर में समाज आंदोलन की अलख जागानी होगी। इस अलख को ही विश्व भारतीय समाज आंदोलन नाम दिया गया है। 

    1. एशियाई समाज आंदोलन 
देहली सेक्टर, हांगकांग सेक्टर, मनीला सेक्टर व कहिरा सेक्टर के समाज
    १. देहली सेक्टर
 २. हांगकांग सेक्टर
3. मनीला सेक्टर
४. कहिरा सेक्टर
एशिया महाद्वीप विविधताओं से भरा हुआ है। हांगकांग सेक्टर सबसे अधिक विकसित है, तो कहिरा सेक्टर मानवीय संवेदना से भी दूर है। देहली व मनीला सेक्टर में भी विविधता है। हमारा समाज आंदोलन इन विविधताओं को विशिष्टता बताकर समृद्ध करता है। अतः राजनीति की सीमा रेखाओं को विचार किये बिना संपूर्ण एशियाई समाज आंदोलन की कार्ययोजना में लग जाना है। वहाँ के जन गण मन में आर्थिक कुचक्र की माया से आजादी का भाव अंकुरित करना ही एशियाई समाज आंदोलन है। 

     2. अफ्रिकाई समाज आंदोलन

दक्षिणी गोलार्द्ध में आर्थिक उन्नयन का एक प्रस्ताव पृथ्वी सम्मेलन 1992 में रिया घोषणा पत्र में विश्व की आवाज बनकर निकला था। यद्यपि यह सम्मेलन पृथ्वी की पर्यावरणीय सुरक्षा को लेकर आयोजित हुआ था तथापि अफ्रीका के विकास का यह विमर्श दे गया था। अतः विश्व भारत की अभिकल्पना में इस धरा को भी भारतवर्ष शब्द को चरितार्थ करने वाला बनाना है। अफ्रीकी समाज आंदोलन वहाँ की समाज इकाइयों में प्रउत का जागरण करना है। 

3. दक्षिणी अमेरिकी समाज आंदोलन 
विकास से कोसों दूर बैठे महाद्वीप दक्षिण अमेरिका का भी स्थान है। वहाँ की समाज इकाइयों में विश्व भारतवर्ष शब्द का अर्थ दिखाना है। 


  4. आस्ट्रेलियाई समाज आंदोलन
आस्ट्रेलिया की समाज इकाई का निर्माण करना आस्ट्रेलियाई समाज आंदोलन है। 

5. उत्तरी अमेरिकाई समाज आंदोलन 
यहाँ आर्थिक विकास अधिक है लेकिन आध्यात्मिक विकास कम है, अतः यह आंदोलन यहाँ के जन गण मन को यहाँ की समाज इकाइयों के माध्यम से समग्र मनुष्य निर्माण की कार्यशाला तैयार करना है। विश्व बंधुत्व की भाव अंकुरित करना ही होगा। 

       6. युरोपीय समाज आंदोलन 
यदि कोशिश की जाए तो प्रउत सबसे पहले युरोप में दिखाई दे सकता है। यह युरोप की सामाजिक आर्थिक इकाई को सचेतन किये बिना संभव नहीं है। 
वस्तुत विश्व भारत समाज आंदोलन विश्व सरकार व महाविश्व का निर्माण करने की यात्रा का नाम है। अतः भारतीय जनता समुदाय जो विश्व में फैला हुआ है, उन्हें विश्व समाज आंदोलन की जागरण के लिए गढ़ना होगा। यही विश्व भारत समाज आंदोलन का सारांश है।
सहयोग - श्री राजेश सिंह दादा बनारस
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