जॉर्जटाउन सेक्टर में समाज आंदोलन


जॉर्जटाउन सेक्टर में समाज आंदोलन




Shri P. R. Sarkar





"जॉर्जटाउन सेक्टर 
(Georgetown Sector)

​(1) ब्राजीलियाई (Brazilian)
(2) अर्जेंटीनी (Argentinian)
(3) उरुग्वेयन (Uruguayan)
(4) कोलंबियाई (Colombian)
(5) क्वेशुआ (Quechua)
(6) चिलियन (Chilian)
(7) वेनेजुएला (Venezuelan)
(8) गुआरानी (Guarani)
(9) गयाना - फ्रेंच (Guyana - French)
(10) गयाना - ब्रिटिश (Guyana - British)
  जार्ज टाऊन : सामाजिक आर्थिक इकाइयों का देशवार विवरण
​1. वेनेजुएला इकाई (Venezuelan)
​देश: वेनेजुएला (Venezuela)
​क्षेत्र: दक्षिण अमेरिका का उत्तरी तट।
​2. कोलंबियाई (Colombian)
​देश: कोलंबिया (Colombia)
​क्षेत्र: दक्षिण अमेरिका का उत्तर-पश्चिमी भाग।
​3. गयाना - फ्रेंच (Guyana - French)
​देश/क्षेत्र: फ्रेंच गयाना (फ्रांस का विदेशी विभाग)
​स्थिति: दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित फ्रांसीसी क्षेत्र।
​4. गयाना - ब्रिटिश (Guyana - British) 
​देश: गयाना (Guyana)
​विवरण: इसे पहले ब्रिटिश गयाना कहा जाता था, अब यह एक स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र है।
​5. ब्राजीलियाई (Brazilian)
​देश: ब्राजील (Brazil)
​क्षेत्र: दक्षिण अमेरिका का सबसे विशाल मध्य और पूर्वी भाग।
​6. क्वेशुआ (Quechua)
​देश: पेरू, बोलीविया, इक्वाडोर (मुख्य रूप से)
​विवरण: यह एक सांस्कृतिक और भाषाई इकाई है जो 'एंडीज पर्वतमाला' के देशों में फैली हुई है।
​7. गुआरानी (Guarani)
​देश: पराग्वे, ब्राजील, अर्जेंटीना और बोलीविया
​विवरण: यह भाषाई समुदाय मुख्य रूप से पराग्वे और उसके पड़ोसी देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित है।
​8. चिलियन (Chilian)
​देश: चिली (Chile)
​क्षेत्र: दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित लंबी संकरी पट्टी।
​9. उरुग्वेयन (Uruguayan)
​देश: उरुग्वे (Uruguay)
​क्षेत्र: अर्जेंटीना और ब्राजील के बीच दक्षिण-पूर्वी तट पर।
​10. अर्जेंटीनी (Argentinian)
​देश: अर्जेंटीना (Argentina)
​क्षेत्र: दक्षिण अमेरिका का दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी भाग।






समाज इकाइयों की स्थिति
( उत्तर से दक्षिण का क्रम (North to South Order)) 


​(1) वेनेजुएला (Venezuelan) - महाद्वीप के सबसे उत्तर में स्थित।
(2) कोलंबियाई (Colombian) - वेनेजुएला के दक्षिण-पश्चिम में।
(3) गयाना - फ्रेंच (Guyana - French) - उत्तरी तट पर स्थित।
(4) गयाना - ब्रिटिश (Guyana - British) - वर्तमान गयाना, उत्तरी क्षेत्र।
(5) ब्राजीलियाई (Brazilian) - विशाल क्षेत्र जो मध्य तक फैला है।
(6) क्वेशुआ (Quechua) - मुख्य रूप से पेरू और बोलिविया के ऊंचे क्षेत्रों में (ब्राजील के समानांतर)।
(7) गुआरानी (Guarani) - पराग्वे और दक्षिण-मध्य ब्राजील के आसपास का क्षेत्र।
(8) चिलियन (Chilian) - दक्षिण-पश्चिम की लंबी पट्टी।
(9) उरुग्वेयन (Uruguayan) - दक्षिण-पूर्वी हिस्से में।
(10) अर्जेंटीनी (Argentinian) - महाद्वीप के सुदूर दक्षिण तक फैला हुआ।






समाज इकाई का सामान्य परिवार
​1. वेनेजुएला (Venezuelan)
​यह दक्षिण अमेरिका के उत्तरी तट पर स्थित देश है। यह अपनी विशाल तेल संपदा और 'एंजेल फॉल्स' (दुनिया का सबसे ऊँचा जलप्रपात) के लिए प्रसिद्ध है।
​2. कोलंबियाई (Colombian)
​यह महाद्वीप के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह दुनिया का प्रमुख कॉफी उत्पादक देश है और इसकी सीमा कैरिबियन सागर और प्रशांत महासागर दोनों से लगती है।
​3. गयाना - फ्रेंच (Guyana - French)
​यह फ्रांस का एक विदेशी क्षेत्र (Overseas Department) है। यहाँ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का प्रमुख प्रक्षेपण केंद्र 'कौरो' (Kourou) स्थित है।
​4. गयाना - ब्रिटिश (Guyana - British)
​इसे अब केवल गयाना के नाम से जाना जाता है। यह दक्षिण अमेरिका का एकमात्र देश है जहाँ अंग्रेजी आधिकारिक भाषा है। यहाँ भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है।
​5. ब्राजीलियाई (Brazilian)
​दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा देश। यहाँ अमेज़न वर्षावन का अधिकांश हिस्सा स्थित है और यह अपनी फुटबॉल संस्कृति और सांबा नृत्य के लिए वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध है।
​6. क्वेशुआ (Quechua)
​यह कोई देश नहीं बल्कि एक स्वदेशी जातीय समूह है। ये लोग मुख्य रूप से एंडीज पर्वत श्रृंखला (पेरू, बोलीविया, इक्वाडोर) में रहते हैं और प्राचीन 'इंका साम्राज्य' के वंशज माने जाते हैं।
​7. गुआरानी (Guarani)
​यह भी एक महत्वपूर्ण स्वदेशी समूह है। ये मुख्य रूप से पराग्वे, ब्राजील और अर्जेंटीना के सीमावर्ती क्षेत्रों में पाए जाते हैं। 'गुआरानी' पराग्वे की आधिकारिक भाषाओं में से एक है।
​8. चिलियन (Chilian), 
​चिली महाद्वीप के पश्चिमी तट पर एक लंबी और संकरी पट्टी जैसा देश है। यह तांबे (Copper) का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है और यहाँ 'अटाकामा रेगिस्तान' स्थित है।
​9. उरुग्वेयन (Uruguayan)
​यह अर्जेंटीना और ब्राजील के बीच स्थित एक छोटा लेकिन प्रगतिशील देश है। यह अपने उच्च साक्षरता दर और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है।
​10. अर्जेंटीनी (Argentinian)
​दक्षिण अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा देश। यह अपने 'पम्पास' (घास के मैदान), टैंगो नृत्य और महान फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है।
 



1
वेनेजुएला समाज
(प्रउत आधारित विकास मॉडल) 
​वेनेजुएला वर्तमान में अत्यधिक मुद्रास्फीति और तेल पर निर्भरता की चुनौतियों से जूझ रहा है। प्रउत का मॉडल इसे 'विकेंद्रीकृत अर्थव्यवस्था' की ओर ले जाने का प्रस्ताव देता है।
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट: "आत्मनिर्भर ब्लॉक" (Socio-Economic Units)
प्रउत के अनुसार, अर्थव्यवस्था को बाहरी शक्तियों के नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए।
​कृषि सहकारी समितियाँ (Agro-Cooperatives): वेनेजुएला की उपजाऊ भूमि पर मक्का, चावल और कॉफी के लिए सहकारी खेती। किसानों को केवल उपज का अधिकार नहीं, बल्कि प्रसंस्करण (Processing) इकाइयों का स्वामित्व भी दिया जाए।
​तेल राजस्व का विविधीकरण: तेल से होने वाली आय को सीधे 'बुनियादी ढांचे' और 'लघु उद्योगों' में निवेश करना, न कि केवल आयातित वस्तुओं पर।
​स्थानीय मुद्रा प्रणाली: राष्ट्रीय मुद्रा के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार विनिमय के लिए साख (Credit) प्रणाली शुरू करना ताकि वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो।

​2. सामाजिक प्रोजेक्ट: "न्यूनतम आवश्यकता गारंटी"
​समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जीवन की पाँच मूलभूत आवश्यकताएं सुनिश्चित करना:
​भोजन, वस्त्र और आवास : 'शहरी कृषि' (Urban Farming) को बढ़ावा देना ताकि शहरों में रहने वाले लोग अपनी खाद्य आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनें। खाली पड़ी भूमि पर सामुदायिक आवास परियोजनाओं का निर्माण।
​शिक्षा: तकनीकी शिक्षा को स्थानीय जरूरतों से जोड़ना। उदाहरण के लिए, तटीय क्षेत्रों में 'समुद्री विज्ञान' और ग्रामीण क्षेत्रों में 'उन्नत कृषि तकनीक' की अनिवार्य शिक्षा।
​चिकित्सा: प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक चिकित्सा का मिश्रण। वेनेजुएला की समृद्ध जैव-विविधता का उपयोग करके हर्बल दवाओं के अनुसंधान केंद्र स्थापित करना। 


​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "नव्य-मानवतावाद" (Neo-Humanism)
​वेनेजुएला की संस्कृति बहुत जीवंत है, इसे संकीर्ण राष्ट्रवाद से ऊपर उठाकर 'नव्य-मानवतावाद' से जोड़ना :
​भाषाई और कलात्मक संरक्षण : स्थानीय स्वदेशी भाषाओं (जैसे वयू, पमोन) और संगीत (जैसे जोरोपो - Joropo) को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देना।
​सांस्कृतिक केंद्र : प्रत्येक प्रशासनिक इकाई में 'मानव जागृति केंद्र' बनाना, जहाँ योग, ध्यान और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाए। यह समाज में बढ़ते अपराध और मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होगा।
​पर्यावरण संरक्षण : अमेज़न के जंगलों की सुरक्षा को 'सांस्कृतिक जिम्मेदारी' घोषित करना, न कि केवल कानूनी।








2
कोलंबियाई समाज
 (विकेंद्रीकृत विकास योजना) 
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट: "सहकारी औद्योगिक क्रांति"
​कोलंबिया की अर्थव्यवस्था को मुट्ठी भर कॉर्पोरेट्स के हाथ से निकालकर आम जनता के हाथों में सौंपना :
​कॉफी और कोको सहकारी नेटवर्क: कोलंबिया की विश्व प्रसिद्ध कॉफी का केवल कच्चा माल निर्यात न करके, स्थानीय स्तर पर ही 'प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग' इकाइयाँ लगाना। मुनाफा सीधा उत्पादक किसानों को मिले।
​कृषि-औद्योगिक परिसर (Agro-Industrial Complexes): गन्ने, फूलों और फलों के उत्पादन क्षेत्रों में छोटे कारखाने स्थापित करना जो कच्चे माल को अंतिम उत्पाद (जैसे जूस, इत्र, जैम) में बदल सकें।
​पर्यटन का विकेंद्रीकरण: बड़े होटलों के बजाय 'इको-विलेज' और सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा देना, जिससे राजस्व सीधा स्थानीय समुदायों के पास जाए।

​2. सामाजिक प्रोजेक्ट: "शांति और बुनियादी सुरक्षा"
​दशकों के संघर्ष के बाद, समाज को जोड़ने के लिए प्रउत का 'न्यूनतम आवश्यकता' सिद्धांत अनिवार्य है:
​शिक्षा और कौशल: "शिक्षा केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए।" ग्रामीण युवाओं के लिए उन्नत कृषि और डिजिटल तकनीक के निशुल्क केंद्र।
​चिकित्सा सुरक्षा: कोलंबिया की समृद्ध जड़ी-बूटियों पर आधारित 'स्वदेशी चिकित्सा केंद्रों' का निर्माण। दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में मोबाइल क्लीनिक और टेली-मेडिसिन का विस्तार।
​भूमि सुधार: खाली पड़ी उपजाऊ जमीनों का उन लोगों में 'तर्कसंगत वितरण' जो वास्तव में खेती करना चाहते हैं, ताकि कोई भी परिवार आवासहीन न रहे।

​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "विविधता में एकता (Neo-Humanism)"
​कोलंबिया में अफ्रीकी, स्वदेशी (Indigenous) और स्पेनिश संस्कृतियों का संगम है :
​सांस्कृतिक विनिमय केंद्र : 'कैरिबियन' और 'पैसिफिक' तटों की लोक कलाओं, संगीत (जैसे कुम्बिया और वैलेनाटो) को संरक्षित करने के लिए सामुदायिक रेडियो और थिएटर का विकास।
​नैतिक शिक्षा : स्कूलों में 'चरित्र निर्माण' और 'अध्यात्म' (बिना किसी संप्रदाय के) को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना ताकि युवा हिंसा और नशीली दवाओं के प्रभाव से दूर रहें।
​प्रकृति पूजा: एंडीज पर्वत श्रृंखला और नदियों को 'जीवित इकाई' मानकर उनके संरक्षण को एक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाना।

कोलंबिया के लिए विकास का मुख्य सूत्र
​स्थानीय उत्पादन : स्थानीय उपभोग के लिए स्थानीय उत्पादन को प्राथमिकता।
​सहकारिता : उत्पादन और वितरण के क्षेत्रों में सहकारी समितियों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन।
​क्रय शक्ति : वेतन के बजाय लोगों की 'क्रय शक्ति' (Purchasing Power) को आर्थिक सफलता का पैमाना मानना।





3
गयाना समाज
(फ्रेंच - प्रभुत्व) 
(प्रगतिशील एवं स्वावलंबी विकास मॉडल) 

​1. आर्थिक प्रोजेक्ट: "अंतरिक्ष से धरती तक आत्मनिर्भरता"
​वर्तमान में यहाँ की अर्थव्यवस्था यूरोपीय अंतरिक्ष केंद्र (Kourou) पर टिकी है। प्रउत के अनुसार इसे बहुआयामी बनाना होगा:
​स्पेस-लिंक इंडस्ट्रीज : केवल रॉकेट लॉन्चिंग पैड बनने के बजाय, यहाँ छोटे उपग्रहों के पुर्जे बनाने और डेटा प्रोसेसिंग की स्थानीय इकाइयाँ स्थापित करना, जिनमें स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले।
​समुद्री संपदा का दोहन (Blue Economy) : अटलांटिक तट पर स्थित होने के कारण, मछली पकड़ने और समुद्री भोजन प्रसंस्करण (Seafood Processing) के लिए आधुनिक सहकारी समितियों का गठन।
​वन आधारित उद्योग : यहाँ का 90% हिस्सा जंगलों से ढका है। लकड़ी के फर्नीचर और औषधीय पौधों (Medicinal Plants) के टिकाऊ प्रसंस्करण केंद्र बनाना, जो पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना राजस्व दें।
​2. सामाजिक प्रोजेक्ट: "मूलभूत आत्मनिर्भरता"
​फ्रेंच गयाना वर्तमान में भोजन और वस्तुओं के लिए फ्रांस से होने वाले आयात पर निर्भर है। इसे बदलना अनिवार्य है :
​खाद्य संप्रभुता (Food Sovereignty) : तटीय मैदानों में चावल, फल और सब्जियों की खेती के लिए 'एग्रो-ब्लॉक' बनाना ताकि आयात पर निर्भरता खत्म हो और भोजन सस्ता हो।
​विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य सेवा : जंगलों में रहने वाले जनजातीय समुदायों के लिए 'फ्लोटिंग क्लीनिक' (नौका अस्पताल) और स्थानीय जड़ी-बूटियों पर आधारित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र।
​व्यावसायिक शिक्षा: अंतरिक्ष विज्ञान के साथ-साथ कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन में विशेषज्ञता प्रदान करने वाले स्थानीय विश्वविद्यालयों की स्थापना।

​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "अमेज़ोनियन पहचान का पुनरुत्थान"
​यहाँ की संस्कृति में अफ्रीकी, स्वदेशी और यूरोपीय तत्वों का मिश्रण है:
​जनजातीय गौरव केंद्र : 'मारून' (Maroon) और 'अमेराइंडियन' (Amerindian) संस्कृतियों की कला, बुनाई और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के लिए संग्रहालय और प्रशिक्षण केंद्र।
​प्राकृतिक पर्यटन (Eco-Humanist Tourism): अमेज़न के वर्षावनों को केवल 'संसाधन' नहीं बल्कि 'सांस्कृतिक धरोहर' मानकर पर्यटन को इस तरह विकसित करना कि प्रकृति का सात्विक संतुलन न बिगड़े।
​सांप्रदायिक सद्भाव : विभिन्न जातीय समूहों के बीच 'नव्य-मानवतावाद' के आधार पर सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन, जो यूरोपीय और स्थानीय पहचान के बीच की दूरी को पाट सके।
​विकास का मुख्य स्तंभ (The Pivot)
​चूंकि गयाना-फ्रेंच की जनसंख्या कम है और संसाधन अधिक, इसलिए यहाँ 'तर्कसंगत वितरण' (Rational Distribution) के सिद्धांत को कड़ाई से लागू किया जा सकता है, जिससे प्रति व्यक्ति जीवन स्तर दुनिया में सबसे ऊंचा हो सके।


4
गयाना समाज 
(संप्रभु) (पूर्व ब्रिटिश) 
(सात्विक एवं जन-केंद्रित विकास मॉडल) 
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट: "तेल से उर्वरता तक" (From Oil to Soil)
प्रउत का मानना है कि केवल कच्चे माल का निर्यात शोषण को जन्म देता है। अतः गयाना के लिए योजना इस प्रकार होगी:
​स्थानीय रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स : तेल को कच्चा बेचने के बजाय स्थानीय स्तर पर रिफाइनरी और प्लास्टिक/उर्वरक कारखाने लगाना, जिससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी रोजगार मिले।
​धान और चीनी का सहकारी पुनरुद्धार : गयाना के तटीय क्षेत्रों में गन्ने और चावल की खेती की प्रधानता है। इन्हें 'कॉर्पोरेट' से मुक्त कर सहकारी चीनी मिलों और एग्रो-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स में बदलना।
​भारतीय-कैरिबियन व्यापार गलियारा : स्थानीय भारतीय मूल के व्यापारियों के माध्यम से लघु उद्योगों (Small Scale Industries) का जाल बिछाना जो दैनिक उपभोग की वस्तुओं का निर्माण करें।

​2. सामाजिक प्रोजेक्ट : "सबके लिए आवास और उन्नत कौशल"
​गयाना की कम जनसंख्या और बढ़ते राजस्व का लाभ सीधे जनता को मिलना चाहिए:
​आदर्श ग्राम (Model Villages) : तेल राजस्व का उपयोग करके प्रत्येक नागरिक के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले आधुनिक और सस्ते आवासों का निर्माण।
​निशुल्क उच्च शिक्षा : तकनीकी संस्थानों की स्थापना करना ताकि 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) रुके और स्थानीय लोग ही देश के तेल और गैस क्षेत्र का प्रबंधन करें।
​सात्विक स्वास्थ्य प्रणाली : गयाना की दलदली और उष्णकटिबंधीय जलवायु को देखते हुए जल-जनित रोगों के लिए उन्नत निवारक स्वास्थ्य केंद्र और मुफ्त टीकाकरण।

​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "सांस्कृतिक संगम (Samanvaya)"
​यहाँ की संस्कृति अफ्रीकी (Afro-Guyanese) और भारतीय (Indo-Guyanese) परंपराओं का सुंदर मिश्रण है:
​बहु-सांस्कृतिक संस्थान : 'नव्य-मानवतावाद' के आधार पर ऐसे केंद्र जहाँ हिंदू, ईसाई और मुस्लिम समुदायों के त्योहारों और कलाओं को सामूहिक रूप से मनाया जाए, जिससे नस्लीय तनाव समाप्त हो।
​स्थानीय बोलियों का संरक्षण : भारतीय विरासत को संजोने के लिए हिंदी शिक्षा और स्थानीय संगीत (जैसे चटनी संगीत - Chutney Music) को बढ़ावा देना।
​नदी संस्कृति का सम्मान : गयाना का अर्थ ही 'जल की भूमि' है। एसेक्विबो (Essequibo) जैसी विशाल नदियों को प्रदूषण मुक्त रखना और उन्हें सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र बनाना।
​विकास का मूल मंत्र
​गयाना के लिए प्रउत का संदेश है— 
"प्राकृतिक संसाधनों पर समाज का सामूहिक स्वामित्व।" यहाँ के तेल भंडार कुछ नेताओं या कंपनियों की संपत्ति न होकर पूरे 'गयाना समाज' की उन्नति का आधार बनने चाहिए।






5
ब्राजीलियाई समाज
(प्रगतिशील एवं संतुलित विकास मॉडल) 
​ब्राजील में संसाधनों की प्रचुरता है, लेकिन धन का संकेंद्रण बहुत अधिक है। प्रउत का मॉडल यहाँ 'आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करने पर केंद्रित होगा।
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट: "विकेंद्रीकृत कृषि-औद्योगिक क्रांति"
​ब्राजील दुनिया का 'फूड बास्केट' है, लेकिन यहाँ छोटे किसान हाशिए पर हैं।
​एग्रो-इंडस्ट्रियल ब्लॉक्स : ब्राजील के सोयाबीन, गन्ना और मक्का क्षेत्रों में बड़ी कंपनियों के बजाय सहकारी प्रोसेसिंग प्लांट लगाना। उदाहरण के लिए, गन्ने से इथेनॉल बनाने का अधिकार स्थानीय सहकारी समितियों को हो।
​अमेज़न 'ग्रीन' इकोनॉमी : वनों को काटे बिना रबर, मेवे (Brazil Nuts) और औषधियों के टिकाऊ संग्रहण और प्रसंस्करण के लिए लघु उद्योग स्थापित करना।
​स्थानीय उत्पादन और उपभोग : 'ब्राजीलियाई समाज' की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में आवश्यक वस्तुओं (कपड़ा, जूते, बुनियादी मशीनरी) के उत्पादन को प्राथमिकता देना ताकि आयात पर निर्भरता कम हो।
​2. सामाजिक प्रोजेक्ट: "पाँच मूलभूत आवश्यकताओं का अधिकार"
​ब्राजील की 'फावेला' (झुग्गी-बस्तियां) और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटने के लिए:
​शहरी पुनर्विकास और आवास : झुग्गी बस्तियों को 'को-ऑपरेटिव हाउसिंग' में बदलना जहाँ स्वच्छ जल, बिजली और इंटरनेट की सुविधा मुफ्त या नाममात्र दर पर हो।
​सात्विक शिक्षा: ब्राजील की युवा शक्ति को नैतिकता और कौशल (Skill Development) आधारित शिक्षा देना, जिसमें 'नव-मानवतावाद' का पाठ अनिवार्य हो।
​सार्वजनिक स्वास्थ्य : आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ प्राकृतिक चिकित्सा केंद्रों का जाल बिछाना, जो अमेज़न की समृद्ध जड़ी-बूटियों का शोध और उपयोग करें।
​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "नव-मानवतावादी गौरव"
​ब्राजील की संस्कृति 'विविधता' का उत्सव है, जिसे आध्यात्मिक दिशा देना आवश्यक है:
​सांस्कृतिक सुरक्षा : अफ्रीकी, यूरोपीय और स्वदेशी मूल की कलाओं (जैसे कैपोइरा, सांबा) को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता और शारीरिक अनुशासन के रूप में विकसित करना।
​पारिस्थितिकी के प्रति अध्यात्म: प्रकृति को 'परम पुरुष' की अभिव्यक्ति मानकर अमेज़न और पैंटानल जैसे पारिस्थितिकी तंत्रों की रक्षा करना। यहाँ के स्वदेशी समुदायों को "जंगलों का रक्षक" घोषित कर उन्हें सम्मानजनक मानदेय देना।
​योग और ध्यान केंद्र : प्रत्येक समुदाय में सामुदायिक योग केंद्र स्थापित करना ताकि समाज में नशीली दवाओं और अपराध की प्रवृत्ति को कम किया जा सके।
​विकास का मूल सिद्धांत
​ब्राजील के लिए प्रउत का सूत्र है— 
"अधिकतम उपयोग और तर्कसंगत वितरण" (Maximum Utilization and Rational Distribution)। प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग मुट्ठी भर लोगों के लाभ के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता और जीव-जगत के कल्याण के लिए होना चाहिए।









6
क्वेशुआ समाज
(प्रगतिशील एवं स्वदेशी पुनरुत्थान मॉडल) 
प्रउत के अनुसार, क्वेशुआ समाज को उनकी प्राचीन गौरवशाली विरासत (इंका सभ्यता) और आधुनिक तकनीक के मेल से पुनर्जीवित किया जाना चाहिए।
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट: "पर्वतीय स्वावलंबन"
​क्वेशुआ लोग कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहते हैं, इसलिए उनकी अर्थव्यवस्था 'विकेंद्रीकृत' होनी चाहिए :
​टेरेस फार्मिंग सहकारी समितियाँ : एंडीज की सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming) को आधुनिक सिंचाई और जैविक उर्वरकों से उन्नत करना। 'क्विन्वा' (Quinoa) और आलू की स्थानीय प्रजातियों के प्रसंस्करण के लिए सहकारी इकाइयाँ लगाना।
​अल्पाइन पशुपालन (Alpaca & Llama) : अल्पाका ऊन के उत्पादन और उससे बने उच्च गुणवत्ता वाले कपड़ों के निर्यात के लिए 'क्वेशुआ टेक्सटाइल क्लस्टर' बनाना, ताकि लाभ बिचौलियों के पास न जाए।
​स्वदेशी पर्यटन (Ethno-Tourism): पर्यटन का प्रबंधन स्थानीय समुदायों के हाथ में हो, जहाँ सैलानी क्वेशुआ जीवनशैली और इंका इतिहास को करीब से देख सकें।
​2. सामाजिक प्रोजेक्ट: "पाचमामा (Pachamama) की सेवा"
​क्वेशुआ संस्कृति में धरती को 'पाचमामा' (Mother Earth) कहा जाता है। सामाजिक योजना इसी भाव पर आधारित होगी:
​स्थानीय द्विभाषी शिक्षा : शिक्षा क्वेशुआ और स्पेनिश दोनों भाषाओं में हो, जिसमें प्राचीन 'इंका इंजीनियरिंग' और आधुनिक विज्ञान का समावेश हो।
​सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र : एंडीज की दुर्लभ जड़ी-बूटियों पर आधारित चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक निदान (Diagnosis) के साथ जोड़ना।
​पहाड़ी बुनियादी ढांचा : दुर्गम क्षेत्रों में सौर और पवन ऊर्जा के छोटे ग्रिड स्थापित करना ताकि प्रत्येक घर तक ऊर्जा की पहुंच हो।
​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "नव्य-मानवतावाद और गौरव"
​सांस्कृतिक सुरक्षा: क्वेशुआ भाषा, संगीत और उनके 'चाकना' (Andean Cross) जैसे प्रतीकों को संरक्षित करना। 'अध्यात्म' को उनके प्रकृति-प्रेम के साथ जोड़कर 'नव-मानवतावाद' का प्रसार करना।
​सामुदायिक न्याय (Ayllu System): उनके प्राचीन 'अयलु' (Ayllu) सामाजिक ढांचे को आधुनिक सहकारी कानूनों के साथ समन्वयित करना, जहाँ निर्णय सामूहिक सहमति से लिए जाएं।
​आध्यात्मिक केंद्र : ऊंचे पर्वतीय शिखरों पर साधना और योग केंद्र बनाना, जो क्वेशुआ लोगों की अंतर्निहित आध्यात्मिक शक्ति को जाग्रत करें।
​विकास का मूल सूत्र
​क्वेशुआ समाज के लिए प्रउत का मंत्र है— "प्रकृति के साथ तालमेल और सामूहिक प्रगति।" यह मॉडल उन्हें वैश्विक बाजार की शोषणकारी प्रवृत्तियों से बचाकर एक आत्मनिर्भर 'सांस्कृतिक ब्लॉक' के रूप में स्थापित करेगा।
7
गुआरानी (Guarani)
(प्रगतिशील एवं सामुदायिक सशक्तिकरण मॉडल) 
​गुआरानी समाज का मूल मंत्र "तेको पोरा" (Teko Porã) यानी "शुद्ध जीवन" है, जो प्राउट के 'सात्विक जीवन' और 'नव्य-मानवतावाद' से पूरी तरह मेल खाता है।
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट: "पारंपरिक ज्ञान आधारित सहकारिता"
​गुआरानी लोग वनों और जल संसाधनों के संरक्षण में कुशल हैं:
​येरबा मेट (Yerba Mate) सहकारी समितियाँ : 'येरबा मेट' गुआरानी संस्कृति का अभिन्न अंग है। इसके उत्पादन, प्रसंस्करण और वैश्विक विपणन (Marketing) के लिए स्थानीय सहकारी समितियां बनाना, ताकि मुनाफा सीधा समुदाय को मिले।
​पारिस्थितिकी-आधारित उद्योग (Eco-Industries) : वनों की कटाई किए बिना शहद, औषधीय पौधों और प्राकृतिक रंगों के उत्पादन के लिए लघु इकाइयों की स्थापना।
​सीमा पार व्यापार ब्लॉक : चूंकि गुआरानी कई देशों में फैले हैं, प्राउट यहाँ एक 'मुक्त सांस्कृतिक-आर्थिक क्षेत्र' बनाने का सुझाव देता है जहाँ वे अपनी वस्तुओं का विनिमय बिना जटिल सीमाओं के कर सकें।
​2. सामाजिक प्रोजेक्ट: "सामुदायिक सुरक्षा और शिक्षा"
​गुआरानी-केंद्रित शिक्षा : गयाना या अन्य क्षेत्रों की तरह यहाँ भी शिक्षा 'गुआरानी' भाषा में होनी चाहिए। पाठ्यक्रम में उनके पारंपरिक खगोल विज्ञान और जड़ी-बूटी ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ा जाए।
​स्वच्छ जल और स्वास्थ्य : 'गुआरानी जलभृत' (Guarani Aquifer) दुनिया के सबसे बड़े मीठे पानी के स्रोतों में से एक है। इस जल पर पहला अधिकार स्थानीय गुआरानी समुदायों का हो और इसे प्रदूषण मुक्त रखने की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए।
​भूमि अधिकार: प्राउट के अनुसार, भूमि का स्वामित्व उन लोगों के पास होना चाहिए जो उस पर रहते हैं और उसे संवारते हैं। गुआरानी समुदायों को उनके पैतृक क्षेत्रों में 'सामुदायिक पट्टा' (Community Title) देना।
​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "शुद्ध जीवन (Teko Porã) और अध्यात्म"
​सांस्कृतिक स्वायत्तता: गुआरानी भाषा को राजकीय सम्मान देना (जैसे पराग्वे में है) और उनके 'पवित्र गीतों' व नृत्यों को 'विश्व धरोहर' के रूप में संरक्षित करना।
​नव-मानवतावादी प्रशिक्षण: उनके 'प्रकृति प्रेम' को 'विश्व-बंधुत्व' की भावना में बदलना। सामूहिक प्रार्थना और साधना केंद्रों (Tapyi) का आधुनिकीकरण करना जहाँ योग और ध्यान का अभ्यास हो सके।
​पर्यावरण के संरक्षक: गुआरानी युवाओं को 'पर्यावरण सेना' के रूप में प्रशिक्षित करना, जो अपने क्षेत्रों की जैव-विविधता की रक्षा के लिए आधुनिक तकनीक (ड्रोन, सेंसर) का उपयोग करें।

विकास का मूल सिद्धांत
​गुआरानी समाज के लिए प्राउट का मंत्र है— "सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करते हुए आर्थिक स्वावलंबन।" यह मॉडल उन्हें बड़े उद्योगों के शोषण से बचाकर अपनी शर्तों पर आधुनिक समाज के साथ जुड़ने का मौका देगा।











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चिलियन समाज
 (प्रगतिशील एवं संतुलित विकास मॉडल) 
​चिली में वर्तमान में आर्थिक असमानता एक बड़ी चुनौती है। प्राउट का मॉडल यहाँ 'संसाधनों के समाजीकरण' और 'पारिस्थितिक संतुलन' पर केंद्रित होगा।
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट: "खनिज से मानवीय प्रगति तक"
​चिली दुनिया का सबसे बड़ा तांबा उत्पादक है, लेकिन इसका लाभ विदेशी कंपनियों को अधिक मिलता है।
​खनिज सहकारी समितियाँ (Mineral Co-ops) : तांबा और लिथियम के खनन में केवल निजी क्षेत्र का प्रभुत्व न हो। लाभ का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय 'सामाजिक-आर्थिक इकाई' (Samaj) को मिले ताकि वे अपने स्कूलों और अस्पतालों का वित्तपोषण कर सकें।
​फलों और वाइन का मूल्यवर्धन (Value Addition) : चिली के अंगूर और सेब पूरी दुनिया में जाते हैं। कच्चे फल के बजाय 'फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स' को सहकारी आधार पर चलाना ताकि किसानों को अंतिम उत्पाद की कीमत का हिस्सा मिले।
​अक्षय ऊर्जा हब: अटाकामा रेगिस्तान में दुनिया की सबसे अच्छी सौर ऊर्जा क्षमता है। यहाँ 'सामुदायिक सौर पार्क' बनाना जो बिजली बेचकर स्थानीय गांवों के लिए राजस्व पैदा करें।
​2. सामाजिक प्रोजेक्ट: "शिक्षा और स्वास्थ्य का सार्वभौमीकरण"
​निशुल्क उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा : चिली में शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ बड़े आंदोलन हुए हैं। प्राउट यहाँ 'निशुल्क और नैतिक शिक्षा' का प्रस्ताव देता है जो कॉर्पोरेट हितों के बजाय मानवता की सेवा पर आधारित हो।
​पर्वतीय और तटीय स्वास्थ्य नेटवर्क : चिली की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, एंडीज के पहाड़ों और प्रशांत तट के गांवों के लिए विशेष 'हेली-एम्बुलेंस' और 'टेली-मेडिसिन' सहकारी नेटवर्क का निर्माण।
​सामाजिक सुरक्षा : प्रत्येक वृद्ध और विकलांग नागरिक के लिए न्यूनतम क्रय शक्ति की गारंटी देना।
​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "सांस्कृतिक सुरक्षा और नव्य-मानवतावाद"
​मापुचे (Mapuche) सम्मान : चिली के मूल निवासी 'मापुचे' के अधिकारों और उनकी संस्कृति को संवैधानिक रूप से 'नव-मानवतावाद' के ढांचे में सुरक्षित करना।
​कला और साहित्य‌ : पाब्लो नेरुदा और गैब्रिएला मिस्ट्रल जैसे महान साहित्यकारों की धरती पर 'सामुदायिक पुस्तकालयों' और 'लेखक केंद्रों' की स्थापना करना जो समाज में बौद्धिक जागरण लाएं।
​समुद्री पर्यावरण संरक्षण : प्रशांत महासागर के पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए 'सात्विक मत्स्य पालन' (Sustainable Fishing) को बढ़ावा देना, जहाँ समुद्र को 'संसाधन' नहीं बल्कि 'जीवनदाता' माना जाए।
​विकास का मूल सूत्र
​चिली के लिए प्रउत का मंत्र है— "प्रकृति के उपहारों का सामूहिक भोग और भविष्य के लिए संरक्षण।" यह योजना चिली को केवल एक 'खनिज निर्यातक' देश से बदलकर एक 'संपन्न और न्यायपूर्ण समाज' में बदल देगी।

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उरुग्वेयन समाज
 (प्रगतिशील एवं नीति-आधारित विकास मॉडल) 
​उरुग्वे में पहले से ही मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचा है। प्राउट इसे भौतिकवाद से ऊपर उठाकर 'सात्विक चेतना' की ओर ले जाने का प्रस्ताव देता है।
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट : "सहकारी कृषि और हरित ऊर्जा"
​पशुपालन और डेयरी सहकारिता : उरुग्वे की अर्थव्यवस्था मांस और ऊन पर आधारित है। प्राउट के अनुसार, यहाँ 'एग्रो-डेयरी ब्लॉक्स' बनाए जाने चाहिए जहाँ किसान स्वयं प्रसंस्करण इकाइयों (Processing Plants) के मालिक हों, न कि बड़े कॉर्पोरेट्स।
​सॉफ्टवेयर और ज्ञान उद्योग : उरुग्वे दक्षिण अमेरिका का सॉफ्टवेयर हब है। यहाँ 'आईटी सहकारी समितियाँ' बनाई जाएँ ताकि छोटे डेवलपर्स मिलकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और मुनाफे का समान वितरण हो।
​ऊर्जा स्वावलंबन : उरुग्वे ने पवन ऊर्जा में बड़ी प्रगति की है। प्रउत यहाँ 'ग्राम-स्तरीय माइक्रो-ग्रिड' का सुझाव देता है जिससे बिजली का खर्च शून्य हो सके और स्थानीय उद्योगों को बल मिले।
​2. सामाजिक प्रोजेक्ट : "जीवन की गुणवत्ता से जीवन की सार्थकता तक"
​न्यूनतम आवश्यकता से ऊपर : उरुग्वे में बुनियादी जरूरतें काफी हद तक पूरी हैं। प्रउत यहाँ 'क्रय शक्ति में निरंतर वृद्धि' पर ध्यान केंद्रित करेगा ताकि लोग उच्च बौद्धिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए समय निकाल सकें।
​एकीकृत स्वास्थ्य सेवा : आधुनिक चिकित्सा के साथ 'मानसिक स्वास्थ्य' और 'योग उपचार' को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली का हिस्सा बनाना, ताकि बढ़ते तनाव और अकेलेपन को कम किया जा सके।
​सद्विप्र (Sadvipra) प्रशिक्षण : उरुग्वे की राजनीतिक स्थिरता का लाभ उठाकर ऐसे 'नैतिक नेतृत्व' केंद्रों की स्थापना करना जो समाज को निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करें।
​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट: "नव-मानवतावाद और गौचो (Gaucho) विरासत"
​गौचो संस्कृति का सात्विक रूप : उरुग्वे के पारंपरिक चरवाहों (Gauchos) की निडरता और सरलता को 'नव्य-मानवतावाद' के साथ जोड़ना, जो केवल मनुष्यों से नहीं बल्कि पशुओं और पर्यावरण से भी प्रेम सिखाता है।
​सांस्कृतिक सुरक्षा : फुटबॉल और टैंगो (Tango) जैसे सांस्कृतिक तत्वों को व्यावसायिकता से बचाकर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य और आनंद का साधन बनाना।
​विश्व बंधुत्व केंद्र : उरुग्वे को 'विश्व शांति केंद्र' के रूप में विकसित करना, जहाँ विभिन्न देशों के लोग आकर 'प्राउट' और 'अध्यात्म' के सिद्धांतों पर शोध कर सकें।
विकास का मूल सूत्र
​उरुग्वे के लिए प्राउट का मंत्र है— "बौद्धिक उत्कर्ष और आध्यात्मिक आनंद।" उरुग्वे जैसे छोटे और शिक्षित देश में प्राउट का 'आदर्श समाज' (Ideal Society) सबसे पहले स्थापित किया जा सकता है

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 अर्जेंटीनी समाज
 (प्रगतिशील एवं आत्मनिर्भर विकास मॉडल) 
​अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था को बाहरी ऋणदाताओं (IMF आदि) से मुक्त कर स्थानीय लोगों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) पर केंद्रित करना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
​1. आर्थिक प्रोजेक्ट : "पम्पास से समृद्धि तक"
​एग्रो-इंडस्ट्रियल टाउनशिप : अर्जेंटीना के विशाल घास के मैदानों (Pampas) में केवल कच्चा अनाज या मांस निर्यात करने के बजाय, वहां सहकारी खाद्य प्रसंस्करण शहर बसाना। यहाँ आटा, पास्ता, चमड़े के उत्पाद और डेयरी का उत्पादन हो और मुनाफा स्थानीय उत्पादकों को मिले।
​विकेंद्रीकृत बैंकिंग (Social Banking) : बड़ी कॉर्पोरेट बैंकों के बजाय सामुदायिक बैंकों की स्थापना करना, जो स्थानीय उद्योगों को कम ब्याज पर ऋण दें ताकि पैसा देश से बाहर न जाए।
​स्वदेशी तकनीकी उद्योग : अर्जेंटीना के पास अच्छी वैज्ञानिक क्षमता है। यहाँ कृषि मशीनरी और उपग्रह तकनीक के लिए 'श्रमिक-स्वामित्व वाले' (Worker-owned) कारखानों को बढ़ावा देना।
​2. सामाजिक प्रोजेक्ट: "आर्थिक न्याय और सुरक्षा"
​मुद्रास्फीति का समाधान (Indexed Wages) : प्रउत के अनुसार, वेतन को वस्तुओं की कीमतों (Price Index) के साथ जोड़ना ताकि मुद्रास्फीति बढ़ने पर भी आम आदमी की क्रय शक्ति कम न हो।
​ग्रामीण पुनरुद्धार : शहरों (जैसे ब्यूनस आयर्स) पर बोझ कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं—बिजली, इंटरनेट, और सात्विक चिकित्सा—पहुँचाना ताकि 'रिवर्स माइग्रेशन' (शहर से गांव की ओर) शुरू हो सके।
​बुनियादी आवश्यकता का संवैधानिक अधिकार : भोजन, कपड़ा, आवास, चिकित्सा और शिक्षा को कानूनन अनिवार्य बनाना, जैसा कि PSS का भी उद्देश्य है।
​3. सांस्कृतिक प्रोजेक्ट : "नव्य-मानवतावाद और गौरव"
​टैंगो और लोक कला का आध्यात्मिक पक्ष : अर्जेंटीना की कलाओं को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक विकास और एकाग्रता के माध्यम से 'साधना' से जोड़ना।
​बहु-जातीय सद्भाव : यूरोपीय और मूल निवासी (Indigenous) समुदायों के बीच 'नव्य-मानवतावाद' के आधार पर सांस्कृतिक एकता स्थापित करना, जहाँ नस्ल से ऊपर उठकर 'मानव मात्र एक है' का भाव हो।
​पारिस्थितिकी चेतना : पेटागोनिया (Patagonia) के ग्लेशियरों और वनों की रक्षा के लिए 'पारिस्थितिकी-केंद्रित' जीवनशैली को शिक्षा का हिस्सा बनाना।
​विकास का मूल सिद्धांत
​अर्जेंटीना के लिए प्रउत का मंत्र है— "बाहरी कर्ज से मुक्ति और आंतरिक शक्ति का जागरण।”

करण सिंह राजपुरोहित
प्रकाशन सचिव
प्राउटिस्ट सर्व समाज
9982322405








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